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IPS Vineet Goyal: कौन हैं IPS विनीत गोयल? क्यों डॉक्टरों की मांग पर ममता को पुलिस आयुक्त के पद से हटाना पड़ा?

Kolkata RG Kar Murder Case: पश्चिम बंगाल की राजनीति और स्वास्थ्य सेवाओं में हाल ही में एक बड़ा बदलाव हुआ है। कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए रेप और मर्डर केस के बाद उनके पद से हटाने का निर्णय लिया गया।

यह कदम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मांग के बाद उठाया। एक महीने से चल रहे इस विवाद के बाद, डॉक्टरों ने गोयल के इस्तीफे की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए ममता बनर्जी ने गोयल को उनके पद से हटाने का फैसला लिया। आइए जानते हैं कौन हैं विनीत गोयल....

IPS Vineet Goyal New

कौन हैं विनीत गोयल?
विनीत गोयल 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने दिसंबर 2021 में कोलकाता के पुलिस आयुक्त का पद संभाला था। उन्होंने सौमेन मित्रा की जगह ली थी और तब से वे कोलकाता पुलिस के शीर्ष अधिकारी रहे हैं। गोयल की शिक्षा आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी कानपुर से हुई है, जो उन्हें एक प्रभावशाली प्रोफाइल बनाती है।

अपने करियर में, गोयल ने कोलकाता पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिसमें पूर्वी उपनगरीय डिवीजन, विशेष शाखा और मुख्यालय के लिए पुलिस उपायुक्त के रूप में सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और यातायात के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में भी काम किया। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें दो बार वीरता के लिए पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और उत्कृष्ट सेवा के लिए मुख्यमंत्री पदक से सम्मानित किया गया है।

विनीत गोयल पर लगे आरोप
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर के मामले के बाद, प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने गोयल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त और उनकी टीम ने मामले को ठीक से नहीं संभाला। इसके चलते डॉक्टरों ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने गोयल के इस्तीफे की मांग की।

14 अगस्त को जब प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने विरोध मार्च निकाला, तब आरजी कर अस्पताल में हुई बर्बरता को काबू करने में गोयल की पुलिस को विफल बताया गया। आरोप है कि भीड़ ने अस्पताल में घुसकर अपराध के सबूतों के साथ छेड़छाड़ की, और पुलिस इसे रोकने में नाकाम रही। इसके चलते गोयल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए।

पुलिस और सरकार का पक्ष
गोयल ने अपनी सफाई में कहा कि पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पूरी तरह पालन किया और सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों और भ्रामक तथ्यों ने पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने मामले से जुड़े सभी सबूतों को सीबीआई को सौंप दिया है, जो अब इस मामले की जांच कर रही है।

गोयल ने कहा कि पुलिस ने आरजीकर अस्पताल परिसर में हिंसा को काबू करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ की हिंसा अप्रत्याशित थी। उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि 15 अगस्त को जब भीड़ हिंसक हुई, तो पुलिस के एक डिप्टी कमिश्नर भी घायल हो गए।

ममता को लेना पड़ा कड़ा फैसला
विनीत गोयल पर लगे आरोपों और राज्यव्यापी विरोध के बाद, ममता बनर्जी ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक और चिकित्सा शिक्षा के निदेशक को हटाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोयल ने खुद पद छोड़ने की पेशकश की थी ताकि स्थिति को शांत किया जा सके।

नई नियुक्ति के लिए घोषणा मंगलवार शाम चार बजे के बाद की जाएगी। इस निर्णय को ममता बनर्जी द्वारा तनावपूर्ण स्थिति को हल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन काफी तीव्र हो गया था।

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