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Kolkata Murder Case: आरोपी संजय रॉय ने नार्को टेस्ट से किया इनकार, जानें CBI का तर्क

Kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। केस के मुख्य आरोपी संजय रॉय ने नार्को परीक्षण के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सियालदह कोर्ट ने CBI के इस परीक्षण के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।

आपको बता दें कि 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट डॉक्टर की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए संजय रॉय को सियालदह कोर्ट में पेश किया गया। बंद कमरे में हुई सुनवाई में, जज ने व्यक्तिगत रूप से संजय रॉय से पूछा कि क्या वे नार्को टेस्ट के लिए सहमत हैं, लेकिन रॉय ने इस पर सहमति देने से साफ इनकार कर दिया।

Kolkata Murder Case

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में एक फैसले में कहा था कि किसी भी आरोपी पर नार्को टेस्ट तभी किया जा सकता है, जब वह स्वैच्छिक रूप से अपनी सहमति दे। बिना सहमति के ऐसा टेस्ट कराना अवैध माना जाता है।

CBI का तर्क और नार्को परीक्षण की आवश्यकता
CBI ने कोर्ट से नार्को परीक्षण की अनुमति मांगते हुए दावा किया कि इससे आरोपी संजय रॉय के बयान की सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। एजेंसी का कहना था कि यह परीक्षण यह जानने के लिए ज़रूरी है कि रॉय सच बोल रहे हैं या नहीं।

CBI पहले ही संजय रॉय और इस मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों पर पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाला) परीक्षण कर चुकी है, लेकिन नार्को परीक्षण से उम्मीद थी कि रॉय के बयान की पुष्टि हो सकेगी।

नार्को टेस्ट कैसे काम करता है?
नार्को टेस्ट के दौरान व्यक्ति को सोडियम पेंटोथल नामक दवा दी जाती है, जिससे वह एक सम्मोहित अवस्था में आ जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति के लिए झूठ बोलना मुश्किल हो जाता है। अधिकारियों के अनुसार, इस टेस्ट से आरोपी अक्सर सही जानकारी देते हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया आरोपी की सहमति के बिना नहीं की जा सकती, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है।

मामले की जांच और घटनाक्रम
संजय रॉय को 11 अगस्त 2024 को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके एक दिन पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में पीड़ित डॉक्टर का शव मिला था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने 23 अगस्त को इसकी जांच CBI को सौंप दी थी।

CBI की टीम ने अपनी जांच के तहत गुरुवार को अस्पताल का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से बातचीत की। इसके साथ ही, उन्होंने उन विभागों की भी समीक्षा की जो इस मामले से जुड़े हो सकते हैं।

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