West Bengal Riots: बंगाल में फिर सुलग रही दंगे की चिंगारी! 78 साल पहले लगा था 6 हजार लाशों का ढेर

West Bengal Riots: 78 साल पहले, लहूलुहान हुई बंगाल की धरती, एक बार फिर अपना इतिहास दोहराने की कगार पर नजर आ रही है। हाल ही में, कोलकाता के लालबाजार स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में हुई ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्याकांड ने पूरे राज्य में आक्रोश और तनाव पैदा कर दिया है।

इस घटना ने राज्य में फिर से सांप्रदायिकता और दंगों की चिंगारी सुलगा दी है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। अगर समय रहते प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए तो यह चिंगारी कब दंगों का रूप ले ले कोई नहीं जानता, जिससे समाज में व्यापक हिंसा और विभाजन हो सकता है। क्या हुआ था 78 साल पहले?

Kolkata doctor murder case

आपको बता दें कि 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में हुए सांप्रदायिक दंगे, जिन्हें "डायरेक्ट एक्शन डे" के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास के सबसे हिंसक और दुखद घटनाओं में से एक थे। ये दंगे मुख्यतः मुस्लिम लीग द्वारा भारत के विभाजन और पाकिस्तान की मांग के समर्थन में आयोजित एक प्रदर्शन के बाद भड़के थे।

इस घटना का मुख्य कारण मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा 'डायरेक्ट एक्शन' की घोषणा थी, जिसमें उन्होंने मुस्लिमों से अपील की कि वे भारत के विभाजन और एक स्वतंत्र मुस्लिम राष्ट्र, पाकिस्तान, की मांग को लेकर सक्रिय हों। इस अपील के बाद कलकत्ता (अब कोलकाता) में दंगे भड़क उठे, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष हुए।

इन दंगों में लगभग 6,000 से अधिक लोग मारे गए थे, और हजारों लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, करीब 1 लाख से ज्यादा बड़ी संख्या में लोगों को बेघर होना पड़ा और उन्हें अपने घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। इस घटना ने पूरे भारत में सांप्रदायिक तनाव को और बढ़ा दिया और भारत के विभाजन की प्रक्रिया को और भी अनिवार्य बना दिया।

वर्तमान स्थिति: कैसे सुलग रही दोबारा दंगे की चिंगारी?
9 अगस्त को कोलकाता के लाल बाजार स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में चौथी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का अर्धनग्न अवस्था में शव मिला। शव पर मिले दर्दनाक निशान दुष्कर्म के बाद हत्या की कहानी बयां कर रहे थे। मामले को लेकर पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाने और दोषी को मौत की सजा दिलाने की बात कही। एसआईटी ने रात को अस्पताल में तैनात एक सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया। लेकिन, देशभर में डॉक्टरों ने घटना को लेकर निंदा व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल में महिलाएं सड़कों पर उतर गईं और जमकर प्रदर्शन किया। रात बढ़ने के साथ ही सड़कें 'वी वांट जस्टिस' के नारों से गूंज उठीं। सेमिनार हॉल के बगल वाले कमरे में तोड़फोड़ हुई। हालात बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का सहारा लिया।

दंगों की संभावना
इस घटना के बाद कई क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव देखा जा रहा है। विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक खबरें भी स्थिति को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+