'जो होगा देखा जाएगा', टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर का ऐलान, आज डॉक्टरों के प्रदर्शन में होंगे शामिल
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 20 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के खिलाफ डॉक्टर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन डॉक्टरों के प्रदर्शन को अब टीएमसी के सांसद सुखेंदु शेखर का समर्थन मिला है।
सुखेंदु ने घोषणा की है कि वह डॉक्टरों के प्रदर्शन में शामिल होंगे। शुखेंदु ने कहा कि मैं प्रदर्शनकारियों में शामिल होने जा रहा हूँ क्योंकि लाखों बंगाली परिवारों की तरह मेरी भी एक बेटी और छोटी पोती है।

हमें इस अवसर पर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा महिलाओं के खिलाफ क्रूरता बहुत हो गई है। आइए हम सब मिलकर इसका विरोध करें। फिर चाहे कुछ भी हो जाए। इस घटना के बाद बड़े स्तर पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में डॉक्टर्स और अन्य लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन देशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने इस घटना को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार करने के बाद हड़ताल वापस ले ली गई।
हालांकि, एम्स, इंदिरा गांधी अस्पताल के चिकित्सकों और FAIMA सहित अन्य रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशनों ने कहा कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक चिकित्साकर्मियों पर हमलों को रोकने के लिए केंद्रीय कानून लागू नहीं हो जाता।
इस मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया है। वहीं मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी।
सुखेंदु शेखर रे ने मामले को सीबीआई को सौंपे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा आरजी कर अस्पताल में सामूहिक बलात्कार और निर्दयतापूर्वक हत्या हुई। वे कौन हैं? अब सीबीआई इसकी जांच करेगी, लेकिन मुझे सीबीआई पर कोई भरोसा नहीं है। फिर भी सच्चाई सामने आनी ही है।
बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि प्रशिक्षु डॉक्टर की हत्या से पहले उसे बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि हत्या से पहले महिला डॉक्टर के साथ मारपीट इस बात की ओर इशारा करती है कि उसके साथ यौन शोषण किया गया था।
डॉक्टरों ने सोमवार को कोलकाता पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा कि गला घोंटने के कारण पीड़िता की थायरॉयड कार्टिलेज बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी और उसके निजी अंगों में गहरा घाव पाया गया था। महिला डॉक्टर के पेट, मुंह, उंगलियों, कंधों, बाएं पैर और चेहरे पर भी कई चोटें पाई गईं।
फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार यह अपराध 9 अगस्त को सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुआ। इस क्रूर घटना के बाद बंगाल के चिकित्सा समुदाय के कई लोगों ने अपने सहकर्मी के लिए न्याय की मांग की है।
सुखेंदु शेखर रे ने आरोप लगाया कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, "जानवरों को बचाने के प्रयास क्यों किए जा रहे हैं? जो भी इस अपराध के लिए जिम्मेदार है, उसे फांसी पर लटकाया जाना चाहिए।"












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