Aishwarya Rai के बढ़ते वजन और उम्र पर Salman Khan की 59 साल की हीरोइन का बड़ा बयान, क्यों मचा बवाल?
Aishwarya Rai and Madhuri Dixit: बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय एक बार फिर कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने शानदार अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहीं। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी से दुनियाभर का ध्यान खींचा। हालांकि जहां एक तरफ उनके फैंस और फैशन एक्सपर्ट्स ने उनकी तारीफों के पुल बांधे, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी उम्र और बढ़ते वजन को लेकर आलोचना शुरू कर दी।
माधुरी दीक्षित ने क्यों दिया ऐश्वर्या राय का साथ?
अब इस पूरे विवाद पर बॉलीवुड की 'धक-धक गर्ल' यानी माधुरी दीक्षित ने खुलकर अपनी राय रखी है और ऐश्वर्या राय के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने ऐश्वर्या राय के बढ़ते वजन और उम्र को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जो कि इस समय इंटरनेट पर हंगामा मचा रहा है।

माधुरी दिक्षित ने कहा- उम्र नहीं, उपलब्धियां हैं असली पहचान
-हाल ही में एक बातचीत के दौरान माधुरी दीक्षित ने ऐश्वर्या राय को लेकर हो रही आलोचनाओं पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि किसी कलाकार का मूल्यांकन उसके वजन, उम्र या बाहरी रूप-रंग से नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक ऐश्वर्या राय ने अपने लंबे करियर में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वही उनकी असली पहचान हैं।
-माधुरी दीक्षित ने ये भी याद दिलाया कि ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से अधिक समय से कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने न सिर्फ भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है बल्कि देश का गौरव भी बढ़ाया है।
सोशल मीडिया की नकारात्मक सोच पर उठाए सवाल
-माधुरी दीक्षित ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों को नजरअंदाज कर केवल उसके लुक्स पर चर्चा की जाती है तो ये समाज के लिए एक गलत मैसेज बन जाता है।
-माधुरी दीक्षित का मानना है कि नई पीढ़ी सोशल मीडिया से काफी प्रभावित होती है और ऐसे में केवल बाहरी सुंदरता को महत्व देना युवाओं के सोचने के तरीके पर नकारात्मक असर डाल सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी इंसान की अहमियत सिर्फ उसके दिखने के आधार पर तय की जानी चाहिए?
डिजिटल दौर में बढ़ी राय देने की आजादी लेकिन जिम्मेदारी भी जरूरी
-माधुरी दीक्षित ने कहा कि सोशल मीडिया ने हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का मंच दिया है, जो एक सकारात्मक बदलाव है लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। कई बार लोग बिना सोचे-समझे ऐसी टिप्पणियां कर देते हैं जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं और अनावश्यक नकारात्मकता फैलाती हैं।
-माधुरी दीक्षित के अनुसार समाज को लोगों की उपलब्धियों और योगदान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए न कि केवल उनकी शारीरिक बनावट या उम्र पर।
साल 2002 से कान्स का हिस्सा हैं ऐश्वर्या राय
-जानकारी के अनुसार ऐश्वर्या राय का कान्स फिल्म फेस्टिवल से रिश्ता दो दशक से भी ज्यादा पुराना है। उन्होंने साल 2002 में फिल्म 'देवदास' के प्रीमियर के दौरान पहली बार कान्स के रेड कार्पेट पर कदम रखा था। इसके बाद से वह लगभग हर साल इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करती नजर आती हैं।
-समय के साथ ऐश्वर्या राय के फैशन और स्टाइल में बदलाव जरूर आया है लेकिन ग्लोबल स्तर पर उनकी लोकप्रियता और प्रभाव आज भी बरकरार है। यही वजह है कि हर साल कान्स में उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बन जाती है।
काम, संघर्ष और उपलब्धियों से होती है पहचान
ऐश्वर्या राय को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच माधुरी दीक्षित का ये बयान एक जरूरी मैसेज देता है। किसी भी कलाकार की पहचान उसकी उम्र, वजन या बाहरी रूप से नहीं बल्कि उसके काम, संघर्ष और उपलब्धियों से होनी चाहिए। ऐश्वर्या राय ने वर्षों तक भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।













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