मस्जिद का शानदार कदम: क्लास के लिए कैंपस दिया, डिस्टर्ब न हो लाउडस्पीकर भी किया बंद
कोलकाता, 11 दिसम्बर। पश्चिम बंगाल की एक मस्जिद की खूब चर्चा हो रही है। मस्जिद ने कदम ही ऐसा उठाया है कि जो भी इसके बारे में सुन रहा है वह तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहा है। मस्जिद के प्रबंधन से जुड़े लोगों ने स्कूली बच्चों की पढ़ाई के लिए अपना परिसर दे दिया। उससे भी बड़ी बात ये रही कि बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब न हो इसके लिए अजान में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी रोक दिया।
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मस्जिद ने अपने कदम से कायम की मिसाल
एक तरफ जहां पर एनसीआर से सटे गुरुग्राम में नमाज को लेकर पिछले कई सप्ताह से विवाद चल रहा है वहीं पश्चिम बंगाल की इस मस्जिद ने अपने कदम से मिसाल कायम कर दी है। ये मस्जिद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी इलाके में स्थित है।
इलाके में कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई का बहुत नुकसान हो रहा था। बिना शिक्षा के राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फैसला किया कि बच्चों की क्लास के लिए मस्जिद के कैंपस में जगह देंगे।

लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी रोका
मस्जिद में क्लास के लिए जगह तो दे दी गई लेकिन उसके बाद भी दिक्कत थी क्योंकि मस्जिद में अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होता था जिससे बच्चों को पढ़ते समय व्यवधान उत्पन्न होता था। मस्जिद के इमाम ने जब इस समस्या को देखा तो अजान में इस्तेमाल के लिए लाउडस्पीकर को रोक दिया। मस्जिद के इस फैसले के लिए पीछे वहां के इमाम की प्रमुख भूमिका है। उन्होंने खुद इस फैसले के बारे में जानकारी दी है।

इमाम ने कही शानदार बात
मस्जिद के इमाम निजामुल हक ने बताया "हम बिना लाउडस्पीकर के नमाज अदा कर रहे हैं ताकि मस्जिद परिसर में पढ़ाई कर रहे बच्चे बिना डिस्टर्ब हुए अपनी शिक्षा जारी रख सकें।" उन्होंने आगे कहा कि देश का विकास शिक्षा के बिना नहीं हो सकता है।
मस्जिद के इस फैसले की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए मस्जिद ने जो कदम उठाया है वह स्वागत योग्य और मिसाल कायम करने वाला है।

स्कूल के शिक्षक ने क्या कहा?
मस्जिद प्रबंधन के सहयोग की तारीफ स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाले इंद्रनील साहा भी करते हैं। साहा ने बताया "मस्जिद प्रशासन से हमें अच्छा सहयोग मिला है। यहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है इसलिए छात्र स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। राज्य सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक तक के लिए कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए हमने स्कूल कैंपस के बाहर बच्चों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया।"












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