कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द किए 2010 के बाद जारी OBC सर्टिफिकेट, ममता ने फैसला मानने से किया इनकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी सभी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती और राजशेखर मंथा की खंडपीठ ने ओबीसी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद ये फैसला सुनाया। अपने आदेश में अदालत ने पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2012 ((सेवाओं और रिक्तियों ) की धारा 2एच, 5, 6 और धारा 16 और अनुसूची I और III को 'असंवैधानिक' करार दिया। आदालत ने इसके साथ ही पिछले 13 वर्षों के भीतर बने सभी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के रद्द करने के आदेश दिए। कोर्ट के इस आदेश को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी को निशाने पर लिया।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को 2010 के बाद से पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्रों को खारिज कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम 1993 के आधार पर पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ओबीसी की एक नई सूची तैयार की जाए। अपने आदेश में हाई कोर्ट की बेंच ने 2010 के बाद तैयार की गई ओबीसी सूची को 'अवैध' करार दिया।

CM Mamata targets bjp over OBC certificate

जनहित याचिका को लेकर वकील सुदीप्त दासगुप्ता ने कहा, "2011 में दायर जनहित याचिका में दावा किया गया था कि 2010 के बाद दिए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्र 1993 (पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग) अधिनियम को दरकिनार कर दिए गए। वास्तव में पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके उचित प्रमाणपत्र नहीं दिए गए। डिवीजन बेंच के फैसले ने आज सभी ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए 2010 के बाद जारी किए गए। 2010 से पहले ओबीसी प्रमाण पत्र रखने वालों को कलकत्ता एचसी की सुनवाई का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा।"

'नहीं मानेंगे बीजेपी का आदेश'
ओबीसी प्रमाण पत्र को खारिज करने आदेश पर सीएम ममता ने बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "हम बीजेपी के आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। ओबीसी आरक्षण जारी रहेगा। यह देश में एक कलंकित अध्याय है- यह मेरे द्वारा नहीं किया गया, उपेन विश्वास ने किया था।" सीएम ममता ने आगे कहा, कि ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले सर्वेक्षण किए गए थे। मामले पहले भी दायर किए गए थे, लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकला। वे भाजपा शासित राज्यों में नीतियों के बारे में बात क्यों नहीं करते। टीएमसी चीफ ने दावा किया कि पीएम मोदी ये बता रहे हैं वे अल्पसंख्यक का आरक्षण छीन लेंगे और इससे संवैधानिक विघटन हो सकता है। सीएम ममता ने कहा, "अल्पसंख्यक कभी तपशीली या आदिवासी आरक्षण को छू नहीं सकते। लेकिन ये भाजपा एजेंसियों के जरिए ये काम करती है।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+