पश्चिम बंगाल: BJP को बड़ा झटका, 52 में से 51 सीटों पर जीती TMC, सुवेंदु के गढ़ में भाजपा का सफाया

कोलकाता, 22 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका लगा है। नंदीग्राम को पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुवेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है, लेकिन को-ऑपरेटिव चुनाव में भाजपा एक भी सीट पर यहां जीत दर्ज नहीं कर सकी है। चुनाव के नतीजों ने हर किसी को चौंका दिया है। रविवार को पश्चिम बंगाल के हनुभुंजा, घोलपुकुर, बिरुलिया सहकारी समिति के चुनाव संपन्न हुए थे। चुनाव के बाद नतीजों की घोषणा कर दी गई। यह नतीजे भाजपा के लिए चौंकाने वाले हैं।

Recommended Video

    West Bengal चुनाव में TMC ने BJP को दिया झटका, एक भी सीट नहीं जीत पाई | वनइंडिया हिंदी | *Politics

    52 में से 51 पर टीएमसी जीती

    52 में से 51 पर टीएमसी जीती

    एक तरफ जहां भाजपा नंदीग्राम में एक भी सीट नहीं जीत पाई तो दूसरी तर केसर ब्रिगेड कृषि विकार सहकारी समिति में भी भाजपा अपना खाता नहीं खोल सकी। तृणमूल कांग्रेस की बात करें तो पार्टी ने 52 में से 51 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं लेफ्ट के खाते में एक सीट गई है। जिस तरह से भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई, उसने पार्टी के अंदर जरूर खलबली मचा दी है। स्थानीय भाजपा नेता अरुण जाना ने बताया कि सहकारी चुनाव में हमारी पार्टी लोगों से बेहतर संवाद स्थापित नहीं कर सकी।

    ममता बनर्जी को दी थी मात

    ममता बनर्जी को दी थी मात

    गौर करने वाली बात है कि सुवेंदु अधिकारी दिसंबर 2020 में टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा था। सुवेंदु के साथ कई टीएमसी के विधायक भी भाजपा में शामिल हुए थे। जबकि नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मात दी थी, जिसके बाद इसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा था। शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 1956 वोटों के अंतर से हराया था।

    65 सीटों पर प्रभाव

    65 सीटों पर प्रभाव

    पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक प्रभाव की बात करें तो तकरीबन 65 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। वह पूर्वी मिदनापुर जिले से आते हैं, वह एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के सदस्य हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी भी 1982 में कांथी दक्षिण से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। बाद में वह टीएमसी के संस्थापक सदस्य के रुप में जुड़े। खुद सुवेंदु अधिकारी कांथी सीट से 3 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।

    नंदीग्राम में मिली लोकप्रियता

    नंदीग्राम में मिली लोकप्रियता

    पहली बार सुवेंदु अधिकारी ने 2006 में कांथी सीट से चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके तीन साल बाद अधिकारी को तुमलुक सीट से सांसद चुना गया। जिसके बाद सुवेंदु अधिकारी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। 2007 में शुभेंदु ने नंदीग्राम में एक केमिकल कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कंपनी द्वारा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उन्होंने आंदोलन खड़ा कर दिया। उन्होंने भूमि उछेड़ प्रतिरोध कमेटी के तहत यह मोर्चा खड़ा किया था।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+