Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

भवानीपुर उपचुनाव: क्या ममता बनर्जी की सीट पर PK की हुई वोटर बनकर एंट्री ? जानिए क्या है पूरा मामला

कोलकाता, 26 सितंबर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की बड़ी जीत की वजह माने जाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उसके बाद किसी भी पार्टी के लिए अपनी ऐसी सक्रिय भूमिका को समेटने की बात कही थी। लेकिन, उसके बाद से उनकी राजनीतिक सक्रियता कुछ ज्यादा ही बढ़ चुकी है। आए दिन उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जाती हैं तो कभी 2024 में एंटी-मोदी मोर्चा का आधार तैयार करने की जानकारी मिलती है। चर्चा तो यहां तक है कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करवाने की भूमिका भी उन्होंने ही रची है। इस बीच बंगाल उपचुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव क्षेत्र भवानीपुर में वोटर लिस्ट में प्रशांत किशोर नाम के एक नए मतदाता का नाम शामिल हुआ है, जिसके बारे में भाजपा का दावा है कि वह वोटर कोई और नहीं, बल्कि पिछले कई चुनावों से भाजपा-विरोधी दलों के लिए चुवाव रणनीति तैयार करने वाले पीके हैं।

क्या ममता बनर्जी अब 'बाहरी' वोटर के समर्थन में हैं- भाजपा

क्या ममता बनर्जी अब 'बाहरी' वोटर के समर्थन में हैं- भाजपा

बीजेपी ने दावा किया है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सत्ताधारी टीएमसी के चुनाव सलाहकार रहे प्रशांत किशोर मौजूदा उपचुनाव में उनकी भवानीपुर सीट से वोटर के तौर पर नामांकित हो चुके हैं। यहां 30 सितंबर को वोटिंग होनी है। ममता के खिलाफ बीजेपी की ओर से प्रियंका टिबरेवाल प्रत्याशी हैं और सीएम की कुर्सी कायम रखने के लिए टीएमसी सुप्रीमो को यहां से चुनाव जीतना जरूरी है। अब भाजपा ने ममता पर सवाल उठाया है कि क्या वो 'बाहरी' वोटरों के पक्ष में आ चुकी हैं। भाजपा की मीडिया सेल के इंचार्ज सप्तर्षी चौधरी ने बंगाली में ट्वीट करके आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमिटी) के फाउंडर पीके को लेकर ममता पर तंज कसा है, 'आखिरकार प्रशांत किशोर भवानीपुर से वोटर बन गए हैं। लेकिन, हमें नहीं पता कि क्या बंगाल की बेटी (ममता बनर्जी) अब बाहरी वोटर के समर्थन में हैं।'

Recommended Video

    Bengal: Bhabanipur के मतदाता बने Prashant kishor, BJP ने फोटो शेयर उठाए सवाल | वनइंडिया हिंदी
    भाजपा नेताओं को 'बाहरी' कहकर टीएमसी साधती रही है निशाना

    भाजपा नेताओं को 'बाहरी' कहकर टीएमसी साधती रही है निशाना

    गौरतलब है कि बंगाल चुनाव के दौरान प्रचार के लिए राज्य से बाहर से आने वाले बीजेपी नेताओं को तृणमूल की ओर से 'बाहरी' बताकर निशाना साधा जा रहा था। भवानीपुर उपचुनाव में भी पश्चिम बंगाल के बाहर से प्रचार के लिए आए बीजेपी नेताओं को फिरहाद हकीम जैसे टीएमसी नेताओं ने 'बाहरी' बताकर ही निशाना साधने की कोशिश की है। वैसे प्रशांत किशोर उपचुनाव की घोषणा के बाद से अभी तक भवानीपुर में ममता के पक्ष में सार्वजनिक तौर पर प्रचार करते नहीं दिखे हैं, लेकिन कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच सूत्रों के मुताबिक वे हाल ही में सीएम के भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी से दिल्ली में मुलाकात जरूर कर चुके हैं।

    ममता के आशीर्वाद से राज्यसभा जाएंगे पीके?

    ममता के आशीर्वाद से राज्यसभा जाएंगे पीके?

    इस बीच चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच में जब मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया चली थी तो प्रशांत किशोर नाम के एक व्यक्ति का नाम भवानीपुर में वोटर के रूप में शामिल किया गया था। वैसे वरिष्ठ टीएमसी नेता सौगत रॉय ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति राज्यसभा का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसके लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह उस प्रदेश का वोटर हो। वे बोले- 'मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता। वे (पीके) भारतीय नागरिक हैं और किसी भी राज्य के वोटर बन सकते हैं। दूसरा, यदि कोई राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहता है तो उस राज्य का वोटर बनना होता है। मुझे उनकी योजना का पता नहीं है। वह एक घर में रह रह हैं और इसलिए वह वोटर बने हैं।' हालांकि, उन्होंने इसके बारे में जानकारी से इनकार किया कि क्या उनकी पार्टी पीके को राज्यसभा भेज रही है। बता दें कि इसी महीने पार्टी के निर्देश पर टीएमसी सांसद अर्पिता घोष ने राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी थी और अभी उसपर चुनाव करवाया जाना है। पार्टी की ओर से इस सीट से उम्मीदवार के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा छोड़कर तृणमूल में आए लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो के नामांकन की भी अटकलें हैं।

    बीजपी ने चुनाव आयोग से की जांच की मांग

    बीजपी ने चुनाव आयोग से की जांच की मांग

    उधर इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमिटी (आई-पैक) के संस्थापक पीके के दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से मतदाता बनने के दावों पर व्यंग कसते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा है, 'कई बार हमें पुरुषों और महिलाओं को अपने करियर के लिए किसी खास शहर में बस जाने के बारे में सुनते हैं। लेकिन, ऐसा पहली बार हो रहा है, जब ठेका मजदूर के बारे में ऐसा सुनने को मिल रहा है। चुनाव आयोग को यह जांच करना होगा कि क्या बिहार में उनके गृह नगर से उनका नाम (मतदाता सूची) काटा जा चुका है।'

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+