पश्चिम बंगाल: NHRC के सदस्य बोले- हमसे संपर्क करने पर भी पुलिस लोगों को धमका रही
पश्चिम बंगाल: NHRC के सदस्य बोले- हमसे संपर्क करने पर भी पुलिस लोगों को धमका रही
कोलकाता, 8 जुलाई: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर मानवाधिकार आयोग की ओर से चिंता जाहिर की गई है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और एनएचआरसी टीम के सदस्य आतिफ रशीद ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद और मालदा का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस भी लोगों को तंग कर रही है, इसको लेकर उन्होंने मुर्शिदाबाद के एसपी से बात भी की है।

आतिफ रशीद ने कहा किजनता पुलिस से डरी हुई है। उनकी गलती ये है कि उन्होंने बीजेपी को वोट दिया। मतदान करने के लिए लिए पुलिस अत्याचार कर रही है। पुलिस पीड़ितों की सुनने के बजाय उनको शिकायत दर्ज ना कराने की धमकी दे रही है।
रशीद ने कहा कि मालदा में ज्यादा शिकायत नहीं मिली लेकिन मुर्शिदाबाद में काफी ज्यादा मामले हैं। पीड़ितों ने हमें बताया कि उन्होंने एनएचआरसी पुलिस से संपर्क किया को इसके लिए भी पुलिस ने उनको धमकाया है। दो दिनों से यह सुनिश्चित किया जा रहा था कि वे हमसे ना मिल सकें, उनको रोकने की हर कोशिश हुई है। आतिफ रशीद ने कहा कि पीड़ितों के साथ हुए उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए, हमने एसपी और डीएम से कहा कि पीड़ितों के साथ कुछ भी गलत हुआ तो उसकी जवाबदेही आपकी होगी।
बता दें कि बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए गठित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। आयोग की टीम ने कई जिलों का दौरा किया है और शिकायतों की पड़ताल के लिए विभिन्न गांवों में जाकर स्थिति का आकलन किया है। बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा की ओर से ये आरोप लगाए गए थे कि टीएमसी के लोग भाजपा को वोट देने वालों को निशाना बना रहे हैं और पुलिस भी उनकी मदद कर रही है।












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