West Bengal पुलिस की कार्रवाई, संदेशखाली जाते वक्त पूर्व जज, ब्यूरोक्रेट्स से लेकर फैक्ट फाइंडिंग टीम अरेस्ट
पश्चिम बंगाल पुलिस ने रविवार को फैक्ट-फाइंडिंग टीम के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इस फैक्ट फाइंडिंग टीम में पूर्व जज, पूर्व ब्यूरोक्रेट्स और रिटायर्ड चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। यह टीम संदेशखाली की महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की छानबीन के लिए जा रही थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों में पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी, पूर्व आईपीएस अधिकारी राज पाल सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य चारू वली खन्ना और वकील भावना बजाज शामिल हैं। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, सदस्यों ने धरना दिया और बाद में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

फैक्ट फाइंडिंग टीम ने लगाए ये आरोप
चार सदस्यों जस्टिस रेड्डी, राज पाल सिंह, चारु वली खन्ना और भावना बजाज को शांति भंग के लिए निवारक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। फैक्ट फाइंडिंग टीम का आरोप है कि उन्हें संदेशखाली की सच्चाई छुपाने के लिए रोका जा रहा था। हम संदेशखाली जा रहे थे, लेकिन उन्होंने हमें रोक दिया...पुलिस ने जानबूझकर हमें रोका है और आम लोगों के लिए समस्याएं पैदा कर रही है।
चारू वली खन्ना ने कहा कि पुलिस हमें संदेशखाली के पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धारा 144 नोटिस का पालन करने और दो या तीन के समूह में यात्रा करने की उनकी तत्परता के बावजूद पुलिस उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति देने को तैयार नहीं थी।
TMC नेता पर यौन उत्पीड़न के आरोप
इस महीने की शुरुआत में कई महिलाओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस नेता शाजहान शेख और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। जिसके चलते संदेशखाली में अशांति फैल गई। 5 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भीड़ के हमले के बाद से शाहजहान फरार है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कहा कि उसे टीएमसी नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदिवासी परिवारों से 'यौन शोषण और भूमि हड़पने' की 50 शिकायतें मिली हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अशांत क्षेत्र से लगभग 1,250 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 400 भूमि मुद्दों से संबंधित हैं।












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