बंगाल: अपने MLA के पार्टी छोड़ने से उड़ी बीजेपी की नींद, ममता के दौरे से और बढ़ी टेंशन
कोलकाता, 3 सितम्बर। चुनाव जीतने के बाद से अब तक तीन एमएलए के पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में जाने से बीजेपी की बंगाल इकाई में खलबली मच गई है। इसमें से दो विधायक को पिछले महीने के आखिर में एक दिन के अंतराल पर पार्टी छोड़कर टीएमसी में चले गए। विधायकों के टूटकर जाने को लेकर पार्टी में मंथन शुरू हो गया है। गुरुवार को बीजेपी के सांसद और पार्टी के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव राजू बिष्ट ने सिलीगुड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।

ममता करने जा रही उत्तरी बंगाल का दौरा
खास बात यह है कि बैठक ऐसे समय में हुई है जब इसी 5 सितम्बर से टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तरी बंगाल का 5 दिवसीय दौरा शुरू करने जा रही है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ममता बनर्जी की इस यात्रा के दौरान कई बीजेपी विधायक तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव राजू बिष्ट ने बीजेपी विधायकों के टूटकर तृणमूल में शामिल होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा "उत्तरी बंगाल में हमारे 29 विधायक हैं। हम सब एक साथ और कोई भी तृणमूल में शामिल नहीं होने जा रहा है। लेकिन ये बात सच है कि हमारे नेताओं को तृणमूल कांग्रेस से फोन आ रहे हैं। सभी जानते हैं कि तृणमूल बंगाल में विकास नहीं कर सकती है। इसलिए कोई भी उस पार्टी में शामिल होगा।"
बीते सोमवार को विष्णुपुर विधायक तन्मय घोष ने बीजेपी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी और उसके एक दिन बाद ही एक अन्य विधायक बिश्वजीत दास ने भी बीजेपी छोड़कर सत्ताधारी तृणमूल का दामन थाम लिया था।

बैठक में नहीं पहुंचे थे 5 विधायक
बुधवार को बीजेपी ने पार्टी छोड़ने वाले दोनों विधायकों के 7 दिन के अंदर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा था।
विधायकों के पार्टी छोड़ने के बारे में बोलते हुए बिष्ट ने कहा "कुछ ऐसे लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं और यही वजह है कि वे हमारी पार्टी छोड़ रहे हैं। लेकिन बीजेपी कोई ऐसी पार्टी नहीं है जो दो या तीन विधायकों के जाने के बाद टूट जाएगी। यह ऐसी पार्टी है जिसने सांसदों की संख्या 2 से बढ़ाकर 18 और विधायकों की संख्या 3 से 77 पर पहुंचा दी है।
इसके पहले सोमवार को उत्तरी बंगाल के सभी बीजेपी सांसदों और विधायकों की एक बैठक में भी 5 विधायक नहीं पहुंचे थे। पार्टी ने तब कहा था कि इनमें से कुछ ने अपनी अनुपस्थिति के बारे में पार्टी की जानकारी दी थी। विधायकों की अनुपस्थिति पर बिष्ट ने कहा कि "कुछ व्यक्तिगत कारणों से बैठक में नहीं पहुंच सके थे जबकि दूसरे ने बैठक में अनुपस्थित रहने के बारे में पहले ही हमें जानकारी दी थी।"

अमित शाह भी कर सकते हैं दौरा
इन अटकलों के बीच टीएमसी प्रमुख की उत्तरी बंगाल की यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाती है। विधानसभा चुनावों में एकतरफा जीत के बाद यह ममता बनर्जी की इस क्षेत्र में पहली यात्रा होगी।
सूत्रों के मुताबिक अक्टूबर में विधानसभा उपचुनाव की खबरों के बीचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस महीने के अंत में उत्तर बंगाल का दौरा कर सकते हैं। अमित शाह की इस संभावित यात्रा को तृणमूल में जाने की तैयारी कर रहे विधायकों को रोकने की एक कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें भवानीपुर सीट भी है जहां से ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की संभावना है। ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव हार गई थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उनका 5 नवम्बर तक विधायक के रूप में निर्वाचित होना जरूरी है।












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