Air Travel: 1 जून से हवाई सफर महंगा? Air India -इंडिगो ने उड़ानों के लिए लिया बड़ा फैसला, क्या करें यात्री?
Air Travel: अगर आप गर्मी की छुट्टियों में घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप फटाफट फ्लाइट के टिकट बुक कर लें क्योंकि एयरलाइंस विमानों के टिकट बढ़ा सकती है। मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक देश की दो प्रमुख एयरलाइंस एयरइंडिया और इंडिगो जून 2026 से अगले तीन महीनों तक अपनी घरेलू उड़ानों की क्षमता कम कर सकती हैं। एविएशन सेक्टर ने यह फैसला ऑपरेशनल दबाव, विमान उपलब्धता की कमी और मेंटेनेंस शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए लिया है।
इस कदम का असर सीधे तौर पर टिकट की कीमतों पर पड़ सकता है। खासकर गर्मियों की छुट्टियों और त्योहारों के सीजन में फ्लाइट्स की संख्या कम होने से टिकट महंगे होने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 15% की कमी कर सकती है, जबकि इंडिगो 5% से 7% तक संचालन घटाएगी।

क्यों घटाई जा रही हैं उड़ानें?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइंस इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या विमानों की उपलब्धता को लेकर बताई जा रही है। कुछ एयरक्राफ्ट इंजन से जुड़ी तकनीकी जांच और नियमित मेंटेनेंस के कारण अस्थायी रूप से सेवा से बाहर हैं। इसके अलावा, लगातार बढ़ते एयर ट्रैफिक और एयरपोर्ट्स पर दबाव भी संचालन को प्रभावित कर रहा है। जून 2026 से अगस्त 2026 तक घरेलू नेटवर्क में सीमित कटौती की जा सकती है। इसका उद्देश्य उड़ानों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करना और समयपालन को बेहतर करना है।
विमान ईंधन (ATF) बहुत महंगा हो गया है
उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, विमान ईंधन (ATF) की लागत अब कई शहरों में ₹1 लाख प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच गई है, जबकि पहले यह लगभग ₹80,000 थी। विभिन्न राज्यों में वैट दरों में भिन्नता के कारण एयरलाइंस पर लागत का दबाव और बढ़ गया है, जिससे कम यात्रियों वाले रूट्स पर उड़ानें चलाना आर्थिक रूप से अलाभकारी हो गया है।
कौन से रूट सबसे ज्यादा प्रभावित?
उड़ान कटौती से मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े हवाई अड्डों से कई रूट्स प्रभावित होंगे। मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल के लिए उड़ानें कम हो सकती हैं। इसी तरह, दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के साथ-साथ दक्षिण भारत के कुछ मार्गों पर भी उड़ानों में कमी देखी जा सकती है। हालांकि, एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी मार्ग पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा। केवल उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी ताकि परिचालन को संतुलित रखा जा सके। यात्रियों को अंतिम समय की असुविधा से बचाने के लिए, कई उड़ानों को बुकिंग वेबसाइटों से पहले ही हटा दिया गया है।

एविएशन सेक्टर के लिए क्या संकेत? क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट इसे भारतीय एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक "संतुलन बनाने वाला कदम" मान रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू हवाई यात्रा में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन विमान सप्लाई, इंजन मेंटेनेंस और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में एयरलाइंस अस्थायी रूप से क्षमता घटाकर अपने संचालन को स्थिर और सुरक्षित बनाए रखने की रणनीति अपना रही हैं।
क्या करें यात्री?
अगर आप जून से अगस्त के बीच यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो टिकट पहले से बुक करें जिससे आपका बजट ना बिगड़े, फ्लाइट शेड्यूल नियमित रूप से चेक करते रहें,शुरुआती बुकिंग करने वाले यात्रियों को बेहतर किराए मिलने की संभावना रहेगी।














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