बाबुल सुप्रियो चुनाव तो जीत गए, लेकिन सीपीएम से नई जंग छिड़ गई
कोलकाता, 18 अप्रैल: टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने बंगाल विधानसभा उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने वहां, बीजेपी को नहीं सीपीएम की उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया है। लेकिन, इस चुनावी लड़ाई की वजह से एकबार फिर से टीएमसी और सीपीएम के बीच की पुरानी अदावत ताजा हो गई है। नतीजे आने के बाद भी टीएमसी एमएलए बाबुल सुप्रियो और सीपीएम उम्मीदवार रहीं सायरा शाह हलीम के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। बीजेपी तो ऐसी हार हारी है कि उसकी बोलती ही बंद हो चुकी है। लेकिन,नंबर दो पर आने से ही लेफ्ट का हौसला बुलंद है।

चुनाव के बाद की जुबानी जंग
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल की बालीगंज विधानसभा सीट से भारी मतों के अंतर से उपचुनाव तो जीते हैं, लेकिन जीत की इस खुशी के चक्कर में उनकी एक टिप्पणी ही उनपर भारी पड़ गई है। उनके 'कोई क्लास नहीं' वाली टिप्पणी पर इस सीट पर दूसरे स्थान पर आने वाली सीपीएम उम्मीदवार सायरा शाह हलीम ने उनपर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि वो और उनकी पार्टी तो 'वर्गहीन समाज में विश्वास करती है।' दरअसल, जब शनिवार को इस सीट का चुनाव परिणाम बाबुल सुप्रियो के हक में गया था तो उन्होंने हलीम पर 'गंदा' प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाकर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि 'उन्हें नजरअंदाज करते रहेंगे' और 'उनकी पार्टी की गंदगी से भरे प्रोपेगेंडा को बड़ी बहुमत ने खारिज कर दिया है।'

बाबुल के 'नो क्लास' वाली टिप्पणी पर रार
बाबुल सुप्रियो ने अपनी जीत के बाद एक ट्वीट किया था कि 'झूठ और छल से भरे गंदे और निंदनीय प्रचार अभियान के बाद भी पश्चिम बंगाल सीपीएम और सायरा शाह हलीम ने कोई क्लास नहीं दिखाई, शर्म की बात तो छोड़िए। लोगों ने टीएमसी के पक्ष में सीपीएम को बाहर कर दिया है, फिर भी वो वही गंदी भाषा बोल रही हैं। इसी वजह से विधानसभा में उनकी पार्टी के पास बहुत बड़ा जीरो है।' उन्होंने पिछले साल के विधानसभा चुनाव में सीपीएम के बेहद शर्मनाक प्रदर्शन पर तंज कसा था। दरअसल, चुनाव परिणाम में दूसरे स्थान पर आने को ही सीपीएम उम्मीदवार ने अपनी पार्टी की नैतिक जीत बताया था। बाबुल ने इसपर यहां तक कहा था कि 'हार स्वीकार करने की भी शिष्टता नहीं है।'
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'हम एक वर्गहीन समाज में विश्वास करते हैं'
लेकिन, चुनाव में भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन सायरा शाह ने बहुत ही जोरदार तरीके से टीएमसी विधायक को ट्विटर के जरिए पलटवार किया है। 'हम एक वर्गहीन समाज में विश्वास करते हैं, जहां गरीब और अमीर उनके पास मौजूद धन और संपत्ति के आधार पर अलग नहीं किए जाते। जो कोई भी मुझे 'कोई क्लास नहीं' के आधार पर जज करता है, उसे पता है कि वह किसके खिलाफ लड़ रहा है।'

उपचुनाव में बाबुल सुप्रियो की हुई है बड़ी जीत
बाबुल सुप्रियो केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री थे और पिछले साल बीजेपी छोड़कर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने बीजेपी छोड़ने के बाद आसनसोल लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था और बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में 20,228 वोटों के अंतर से जीते हैं, जो कि करीब 50 फीसदी वोट शेयर के आसपास है। वहीं लगभग 30 फीसदी वोट लाकर सीपीएम की हलीम दूसरे नंबर पर रही हैं। जबकि, भाजपा की कीया घोष यहां तीसरे नंबर रहीं। (पहली तस्वीर में हलीम की फोटो-ट्विटर वीडियो से)












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