'हाथ जोड़ रहा हूं पैर पड़ रहा हूं', SDM के पैरों में क्यों नजर आए भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा, Video
MLA Umakant Sharma: मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का एक बार फिर वीडियो वायरल हो रहा है। सत्तारूढ़ दल के विधायक शर्मा इस बार एसडीम के पैर छूते हुए नजर आ रहे हैं। [वीडियो नीचे हैं]
विदिशा जिले के भाजपा विधायक अपनी ही सरकार में असहाय महसूस कर रहे हैं।भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज एसडीएम के हाथ जोड़े और पैर छुए।

विधायक उमाकांत शर्मा एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान विधायक ने एसडीएम हर्षल चौधरी को एक ज्ञापन सोपा और कहा किे उनके क्षेत्र की जनता पानी की कमी से परेशान है।
विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा, 'अधिकारी और कर्मचारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। मैं कई बार अधिकारियों से बोल चुका हूं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।' इस दौरान विधायक उमाकांत बहुत देर तक एसडीएम के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे।
उन्होंने एसडीएम से कहा, कि मैं आज आम जनता की तरह हाथ जोड़कर और पांव छूकर निवेदन कर रहा हूं कि जल संकट को लेकर गंभीरता से कार्य करिए। जिससे लोगों को कुछ तो राहत मिले।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी कांग्रेस से मिले हुए हैं। ये केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार को फेल करने में जुटे हैं। ज्ञापन देने साथ मे आये वार्ड क्रमांक 2 से पार्षद सचिन शर्मा ने कहा की वार्ड में दो दिन से पानी नहीं आ रहा है। इंटकवेल में सफाई होने के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। चाठोली ग्राम पंचायत में नल जल योजना की टंकी बनी हुई है लेकिन चालू नहीं हुई। गांव की तीन हजार पब्लिक परेशान हो रही है।
विधायक शर्मा ने कहा की विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा था। सांकलोन और मोतीगढ़ गांवों में भी नल जल योजना अधूरी पड़ी है। ठेकेदारों ने काम पूरा नहीं किया। ठेकेदार और अधिकारी मिलकर पैसे खा गए हैं। यहां के लोग परेशान हैं। शहर में तीन दिन से पानी नहीं आ रहा। वर्षों से काम अटका हुआ है। लोग पानी के लिए दूसरे गांवों पर निर्भर हैं। पीएचई विभाग पूरी तरह नाकाम हो गया है। गांवों में नल जल योजनाएं बेकार पड़ी हैं। जिम्मेदारों के पास कोई प्लान नहीं है।
भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का कहना 30 से 40 बार कह चुका हूं ओर प्रशासन से निवेदन भी किया लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। पूरे देश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक नल से जल पहुंचने का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी का 2024 तक था, केंद्र सरकार ने जरूरत से ज्यादा बजट भी विभाग को भेजा था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नाकामियों के कारण पानी गरीबों तक नहीं पहुंच सका।












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