varanasi : आधे घंटे तक अस्पताल के बाहर रोता-बिलखता रहा युवक, न डॉक्टर आए न स्टाफ, वीडियो हुआ वायरल

कभी ट्रेक्टर टैली से मरीज को लाते परिजनों का वीडियो तो कभी नवजात शिशु को नोचते कुत्तों की तस्वीरें, आए दिन ऐसे मामले मीडिया के जरिये सामने आते है जो स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा की गई बड़ी लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में 108 नंबर एंबुलेंस में अस्पताल के सामने एक मरीज का तीमारदार लाचार अवस्था में रोता बिलखता दिखाई दे रहा है और उसकी मदद को कोई डॉक्टर या स्टाफ नजर नहीं आ रहा।

अस्पताल के बाहर गिड़गिड़ाता रहा युवक

अस्पताल के बाहर गिड़गिड़ाता रहा युवक

दरअसल, वाराणसी के हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में 108 नंबर एंबुलेंस से एक मरीज का तीमारदार उसको लेकर हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर इलाज के लिए मिन्नतें करता नजर आ रहा है लेकिन उसकी सुनने वाला कोई भी नहीं है। काफी देर तक रोने और बिलखने के बाद भी जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह एंबुलेंस से वापस किसी अन्य स्थान की ओर चला गया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।

बिना इलाज लौटा मरीज

बिना इलाज लौटा मरीज

हरिश्चंद्र मोर ने मीडिया से बातचीत के दौरान सफाई पेश करते हुए कहा है कि चिकित्सक वहां मौजूद थे, लेकिन वह खाना खाने के लिए गए थे और 5 से 10 मिनट तक मरीज के तीमारदार इंतजार नहीं कर सके इस वजह से उनका इलाज नहीं हो पाया। हालांकि मीडिया के यह पूछे जाने पर कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसे आवश्यक समय पर कोई भी चिकित्सक या स्टाफ की मौजूदगी न होना लापरवाही है। जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

कर्मचारी उठा रहे हैं फायदा

कर्मचारी उठा रहे हैं फायदा

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शासन-प्रशासन चाहे लाख प्रयास कर ले, लेकिन डॉक्टरों और कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे। अधिकारियों का ड्यूटी आने का ढर्रा वर्षों पुराना है, कर्मचारी भी अधिकारी के न आने पर मस्ती काटते नजर आते हैं। कोई सूचना मांगने पर एक दूसरे का मुंह ताकते हैं। अधिकारी के न रहने पर कर्मचारी जवाब देते है कि साहब खाना खाने गए हैं और अधिकारियों के पास भी यही जवाब रहता है। इन डॉक्टरों की लापरवाही आए दिन सामने आ रही है और आरोप है कि ओपीडी में भी बैठे दिखाई नहीं देते है। इसको लेकर लोग कई बार शिकायत क्र चुके है, मगर कोई कार्रवाई नहीं होती। इसका वह पूरा फायदा उठा रहे हैं।

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