Varanasi News: दिशा की बैठक में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा, क्या बदलेगी काशी की तस्वीर?
Varanasi News: वाराणसी को नई पहचान देने की कवायद तेज़ हो गई है। बीते कुछ वर्षों में इस पौराणिक शहर को आधुनिक सुविधाओं से सजाने का काम लगातार आगे बढ़ रहा है। अब तक यहां 35,155 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 16,338 करोड़ की 125 नई योजनाओं पर काम जारी है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वाराणसी दौरे के दौरान यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति हो रही है। यह बदलाव काशी को न केवल सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बनाए रख रहा है, बल्कि आधुनिक भारत की झलक भी दिखा रहा है।

पुरी सोमवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में पहुंचे थे। यहां सांसदों, राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विकास योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा हुई और इन्हें और प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर सुझाव दिए गए।
दिशा बैठक से तय हो रहा विकास का रोडमैप
बैठक में कई अहम चर्चाएं हुईं। मंत्री पुरी ने कहा कि यह मीटिंग लंबे समय बाद बुलाई गई थी जिसमें रचनात्मक विचार सामने आए। हर प्रतिनिधि ने क्षेत्र की ज़रूरतों के हिसाब से योजनाओं को बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगली बैठक 3-4 महीने में की जाएगी। उनका कहना था कि समन्वय के इस मंच से वाराणसी को स्मार्ट सिटी में बदलने का विज़न पूरा किया जा रहा है। यह प्रयास हजारों साल पुराने शहर को भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक नया स्वरूप दे रहा है।
काशी में विकास और संस्कृति का संगम
हरदीप पुरी ने कहा कि वाराणसी में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह शहर आशाओं और संभावनाओं से भरा हुआ है और विकास की गति लगातार तेज हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अगस्त 2025 में करीब 2200 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, शहरी बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े कार्य शामिल रहे।
शहर 'मॉडल सिटी' का ले रहा रूप
पुरी ने ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह शहर 'मॉडल सिटी' का रूप ले रहा है। विकास कार्यों से यहां की प्राचीनता और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि वाराणसी आज केवल आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक नहीं, बल्कि देशभर के लिए प्रगतिशील विकास का उदाहरण भी है। आने वाले समय में यहां की परियोजनाएं और तेजी से पूरी होंगी और स्थानीय लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।












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