वाराणसी: Warning Level पार करके Danger Level की तरफ बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, पीएम ने कमिश्नर से ली जानकारी
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया और अब खतरा बिंदु की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रति घंटे 3 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर
वाराणसी, 25 अगस्त: वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया और अब खतरा बिंदु की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। गंगा नदी के जलस्तर में प्रति घंटे 3 सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। गंगा और वरुणा के जल में तेजी से हो रही वृद्धि के चलते तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंगा तट भर्ती इलाकों में स्थित शहर के कई कालोनियों में जहां पानी प्रवेश कर चुका है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल भी जलमग्न हो चुकी हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को फोन कर बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी लिए। प्रधानमंत्री ने गंगा और वरुणा में बढ़ते जलस्तर के बारे में जानकारी लेने के साथ ही कहा कि किसी प्रकार की विशेष सहायता की आवश्यकता पड़े तो सीधे मुझे अवगत कराएं।

तटवर्ती क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
गंगा और वरुणा दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने के चलते तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाराणसी के सामने घाट क्षेत्र में कई कालोनियों में पानी प्रवेश कर चुका है और काफी संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं। वहीं आराजी लाइन ब्लॉक, काशी विद्यापीठ ब्लाक, हरहुआ ब्लाक, बड़ागांव ब्लाक, सेवापुरी ब्लाक के वरुणा तटीय दर्जनों गांवों में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। इसके अलावा चोलापुर और चिरईगांव ब्लाक के भी कई गांवों में खेतों में गंगा नदी का पानी प्रवेश कर चुका है। चिरईगांव के ढाब सोता क्षेत्र में तेजी से कटान हो रहा है जिससे किसान काफी चिंतित हैं।

शवदाह स्थल डूबे, करना पड़ रहा इंतजार
गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते वाराणसी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह करने के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर प्लेटफॉर्म डूब गए हैं और छत पर बनाए गए प्लेटफॉर्म पर अंत्येष्टि की जा रही है। छत पर 12 प्लेटफार्म ही बनाए गए हैं जिसके चलते एक साथ 12 शवों की अंत्येष्टि हो पा रही है, ऐसे में अंत्येष्टि करने के लिए पहुंचने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर अंत्येष्टि करने के लिए पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नमो घाट पर बनाया गया प्लेटफॉर्म भी डूब गया है।

कमिश्नर और डीएम ने बाढ़ राहत शिविरों का किया निरीक्षण
कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सरैयां, ढेलवरियां सहित अन्य स्थानों पर बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को बाढ़ राहत शिविर में आने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान देने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों बताया कि जनपद में कुल 40 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित हैं जिनमें वर्तमान में कुल 11 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील हैं। इन राहत शिविरों में गुरुवार तक 280 परिवार के 1290 लोग रहने के लिए पहुंच चुके हैं। शिविर में साफ बिस्तर, प्रकाश, शौचालय, मेडिकल सुरक्षा आदि की उचित व्यवस्था की गयी है। वहीं बाढ़ से प्रभावित होने वाले पशुओं हेतु चारे की व्यवस्था की गयी है।












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