शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत अर्जी खारिज, जारी हो चुका है कुर्की का आदेश
वाराणसी Pratikar Yatra के 7 साल पुराने मामले में आरोपी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज हो गई।
वाराणसी में सात साल पूर्व निकाले गए प्रतिकार यात्रा के मामले में आरोपी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत अर्जी शुक्रवार को कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई। शुक्रवार को वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान जस्टिस सियाराम चौरसिया ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त को अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय द्वारा किया गया। अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं इसी मामले में आरोपी महंत बालक दास की तरफ से जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए न्यायालय द्वारा 8 नवंबर की तिथि नियत की गई।

अक्टूबर 2015 में हुआ था बवाल
काशी में गंगा नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाए जाने के बाद गंगा नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए अडे़ लोगों पर लाठीचार्ज की गई थी। इसी मामले को लेकर संत समाज, राजनीतिक दल और काशी के लोगों द्वारा टाउनहॉल से दशाश्वमेध घाट तक अन्याय प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी। यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे और बताया जाता है कि इस दौरान एक सांड वहां पहुंच गया जिससे यात्रा में भगदड़ मच गई थी। दूसरी तरफ से आ रहे लोगों को लगा कि पुलिस द्वारा यात्रा रोकी जा रही है और लाठीचार्ज किया गया है जिसके चलते लोग भाग रहे हैं। उसी के बाद यात्रा में शामिल लोग आक्रोशित हो गए और बेकाबू भीड़ द्वारा पुलिस के ऊपर पानी की बोतलें फेंकी गई और जमकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कई वाहनों को भी आग लगा दिया गया था।
एसडीएम सहित कई लोग हुए थे घायल
बेकाबू भीड़ द्वारा पुलिस के जवानों और अधिकारियों के ऊपर भी पथराव किया गया। पथराव के चलते तत्कालीन एसडीएम, थानाध्यक्ष सिगरा और पुलिस के जवान घायल हुए थे। उपद्रवियों द्वारा एक सरकारी जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, दो दर्जन बाइक समेत कई वाहनों को भी आग लगा दिया गया था। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल करना पड़ा। हालात बेकाबू होने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
पूर्व में इतने लोगों के खिलाफ जारी हुआ था NBW
इस मामले में वाराणसी जिले के दशाश्वमेध थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, महंत संतोष दास, महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय, पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव, असित दास समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पूर्व विधायक अजय राय कोर्ट में हाजिर हुए जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत 25 लोग कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। ऐसे में कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ वारंट जारी किया है तथा उनके संपत्ति को भी कुर्क करने का आदेश दिया।












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