BHU में प्राध्यापक ही छेड़ रहे छात्राओं को, प्राथमिकी दर्ज
वाराणसी। एक तरफ जहां बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले पंडित मदन मोहन मालवीया को भारत रत्न देने का ऐलान हुआ है। तो वहीं दूसरी तरफ बीएचयू के एक प्राध्यापक ही छात्रा की अस्मत के लिए खतरा बन गए।

प्रबंधन संकाय की छात्रा ने अपने प्राध्यापक प्रोफेसर सतीश चंद्र सिंह पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। छात्रा ने अपने साथियों के साथ लंका थाने में प्राध्यापक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतीश चंद्र को बर्खास्त कर दिया है।
मामले की गंभीरता को समझते हुए बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने देर रात अपने आवास पर आपात बैठक बुलायी जिसके बाद सतीश चंद्र को निलंबित किये जाने का फैसला लिया गया। साथ ही सतीश चंद्र के खिलाफ जांच का भी आदेश दिया गया है।
प्राध्यापक के निलंबन के बाद जांच शुरु
बीएचयू के जन संपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि सतीश चंद्र को निलंबित कर मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है। इधर, सतीश चंद्र ने छात्रा के लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ सब देख रहे हैं। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है। आखिर मैं ऐसा क्यों करूंगा। मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।
जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में यह मामला 30 जनवरी को आया था। लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कुलपति ने सतीश चंद्र को निलंबित करने का निर्णय लिया। बीएचयू का शिकायत प्रकोष्ठ इस मामले की जांच कर रहा है।
प्राध्यापक जी को पड़ा दिल का दौरा
इधर, शनिवार रात सतीश चंद्र को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल के सीसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। पीड़ित छात्रा ने शुक्रवार को अपनी साथी छात्राओं के साथ लंका थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी तक पहुंचा मामला
सूत्रों के अनुसार, छात्राओं ने शनिवार को विश्वविद्यालय के दौरे पर आईं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर उन्हें इस घटना से अवगत कराया था। पुलिस अधीक्षक (नगर) सुधाकर यादव ने बताया कि इसकी शिकायत लंका थाने में दर्ज कराई गई थी और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। थाने द्वारा विश्वविद्यालय से संपर्क किए जाने के बाद शुरुआत में हालांकि, इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।












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