दोस्ती कलंकित: पैसे के लिए किया दोस्त का अपहरण फिर पुलिस से बचने के लिए की हत्या
वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बालू में मिले एक मासूम बच्चे के शव से जुड़े मामले का वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। दोस्तों ने ही उसकी हत्या की थी।

वाराणसी जैतपुरा इलाके से 12 साल के मासूम बालक का अपहरण करने के बाद उसके दोस्तों ने उसकी हत्या कर दी। इस मामले में बालक का शव मिलने के कुछ घंटे बाद उसके दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में लिया और घटना का खुलासा किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जुआ खेलने के आदी हैं और डेढ़ से 2 लाख रुपये का कर्ज लेकर जुए में हार गए थे। ऐसे में उन्होंने फिरौती के लिए किसी के अपहरण की योजना बनाई और अंत में अपने ही मासूम दोस्त का अपहरण कर लिया।
अगवा करने से पहले दोनों ने फर्जी सिम कार्ड और टेप का इंतजाम कर लिया था। अपने ही दोस्त अनस को अगवा करने के बाद उसे पतंग दिलाने के बहाने टोटो में लेकर पड़ाव की तरफ चले गए। वहां पहुंचकर लोगों ने अनस के परिजनों को फोन किया।
उसके बाद उन्हें लगा कि यह राज खुल जाएगा। उसके बाद उन्होंने अपने ही मासूम दोस्त की रस्सी से गला रेत कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के लिए रामनगर थाना क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बालू में गड्ढा बनाकर शव को दफना दिया।
इस तरह खुला हत्या का राज: रविवार दोपहर गंगा किनारे रेत में मासूम बालक का शव मिलने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। स्थानीय पुलिस के साथ सर्विलांस टीम भी लगाई गई और सीसीटीवी फुटेज व सीडीआर निकालकर जांच शुरू की गई।
जांच में मामल परत दर परत खुलता गया और हत्या करने वाले जैतपुरा थाना क्षेत्र के नागकुआं निवासी फैजान पुत्र हारून और मो. गुफ्रान पुत्र हारून को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद दोनों ने राज उगल दिया। इस घटना का खुलासा करते हुए वाराणसी के अपर पुलिस आयुक्त अपराध संतोष कुमार सिंह द्वारा घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की गयी।
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