वाराणसी में 52 साल से नहीं नहाया है यह व्यक्ति, पानी की जगह करता है अग्नि स्नान
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जहां एक तरफ लोग लाखों रुपए बस अपने स्नानगृह को सुविधापूर्ण बनाने में खर्च कर देते हैं वहीं वाराणसी के ही रहने वाले कैलाश सिंह पिछले 52 सालों से न तो नहाए हैं न ही उन्होंने अपने दांत ब्रश किए हैं। उनका कहना है कि देश के सामने आने वाली सभी तरह की समस्याओं को समाप्त किया जा सके इसलिए उन्होंने न नहाने का प्रण लिया है

भाई की मृत्यु के बाद भी गंगा में नहीं लगाई डुबकी
दरअसल वाराणसी के सिंधौरा में स्थित छतांव गांव में रहने वाले कैलाश सिंह पिछले 52 सालों से न तो नहाए हैं न ही उन्होंने अपने दांत ब्रश किए हैं। इनकी उम्र लभगभ 81 साल है। उनका कहना है कि देश के सामने आने वाली सभी तरह की समस्याओं को समाप्त किया जा सके इसलिए उन्होंने न नहाने का प्रण लिया है। कैलाश सिंह का मानना है कि पानी की जगह अग्नि स्नान करने से शरीर के सभी कीटाणुओं और संक्रमण को मारा जा सकता है। कैलाश सिंह कहते हैं कि वो अग्नि स्नान करते हैं और साल भर दो स्वेटर पहनते हैं। पीने के लिए भी गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया की समाज के लोग उन्हें घृणा भरी नजरों से देखते हैं और खरी खोटी भी सुना देते हैं। लेकिन वो किसी भी चीज़ की परवाह किये बिना अपने संकल्प पर अडिग हैं। कैलाश सिंह ने अपने भाई की मृत्यु के बाद भी गंगा में डुबकी लगाने से मना कर दिया था।

देश प्रेम या पुत्र प्राप्ति की इच्छा
कैलाश सिंह के मुताबिक देश से प्यार के चलते उन्होंने जो प्रण लिया है कि देश के आगे कोई भी समस्या कभी ना आए, इसलिए वो स्नान नहीं कर रहे हैं जबकि पड़ोसियों का कहना है कि कैलाश सिंह बेटे की चाह में ऐसा कर रहे हैं क्योंकि उनकी सात बेटियां है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर शाम कैलाश सिंह अलाव जलाते हैं और उसके पास गांजा पीते हुए एक पैर पर खड़े हो जाते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं। उनकी आस्था है कि ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होंगे और वरदान में उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी।
उनकी धर्मपत्नी का कहना है की यह उनकी अपनी मर्जी और उनकी अपनी सोंच है, इसमें हम कुछ नहीं कह सकते। उनहोने बेटे की प्राप्ति के लिए प्रण लेने वाली बात को पूरी तरह नकारा है। उनका कहना है की वह बेटियों और पूरे परिवार के साथ खुश है और उन्हें ऐसी कोई इच्छा नहीं है।

क्यों है नहाना बेहद जरूरी
वजह कुछ भी हो लेकिन एक इंसान के लिए स्नान और स्वछता बेहद ही जरूरी होती है। वैज्ञानिक नजर से देखें तो जब बॉडी टेंपरेचर बढ़ता है तब शरीर से पसीना निकलता है। शरीर से पसीना निकलना एक तरह से अच्छा भी है क्योंकि इससे टॉक्सिन शरीर से बाहर निकलता है लेकिन स्नान ना करने के कारण पसीना ज्यादा आता है इससे बैक्टीरिया बनने लगते हैं। इसे शरीर से दूर करने के लिए रोजाना साबुन से स्नान जरूरी हो जाता है। शरीर में ज्यादा पसीने से बैक्टीरिया बनते हैं जब बैक्टीरिया और पसीना एक साथ मिलता है तो शरीर से बदबू आने लगते हैं और धीरे-धीरे बैक्टीरिया की वजह से खुजली भी शुरू हो जाती है ऐसी समस्या ना हो इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से साबुन से नहाये। ताकि आप स्वस्थ रहे।












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