Varanasi: ठंड से बचने के उपाय ने ली मासूम की जान, माता-पिता व भाई की हालत गंभीर
कमरे में अंगीठी जलाकर कमरे को गर्म रखना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि माता-पिता व भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है।

ठंड से बचने के लिए अक्सर लोगों द्वारा रूम हीटर या कमरे में अंगीठी को जलाया जाता है। लेकिन बहुत कम लोगों को इसके बारे में पता होता है कि अंगीठी जानलेवा भी साबित हो सकती है। ताजा मामला Varanasi का है जहां कमरे को गर्म रखने के लिए अंगीठी सुलगाई गई थी। उसी अंगीठी के चलते एक मासूम बच्चे की मौत हो गई जबकि मृतक के पिता और माता व उसके एक भाई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना को जिसने भी सुना वह हैरान रह गया।

गर्माहट के लिए जलाए थे अंगीठी
दरअसल, वाराणसी जिले के रोहनिया थाना अंतर्गत दरेखू गांव में जौनपुर जिले के चंदवक का रहने वाला राहुल कुमार किराए का कमरा लेकर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ निवास करता है। उसके छोटे बेटे डूग्गू की तबीयत बुधवार को खराब थी ऐसे में उसकी पत्नी रिंकी कमरे में गर्माहट के लिए अंगीठी जलाई हुई थी। रात में परिवार के सदस्य खाना खाए और फिर अंगीठी को बुझाए बगैर ही सो गए। बताया जा रहा है कि कमरे का दरवाजा बंद था और अंगीठी के सुलगने के दौरान रात में कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई। ऐसे में दम घुटने के चलते 2 वर्षीय बेटे डूग्गू की मौत हो गई तथा राहुल और उसकी पत्नी रिंकी तथा 5 वर्षीय दूसरा बेटा अनुज अचेत हो गए।

सुबह नहीं उठे तो पड़ोसियों को हुआ शक
आसपास के लोग गुरुवार की सुबह में उठने के बाद नित्य क्रिया किए लेकिन राहुल की कमरे से किसी प्रकार की आहट नहीं सुनाई थी। ऐसे में पड़ोस में रहने वाले लोगों को शक होने लगा और पड़ोस के रहने वाले कुछ लोग राहुल के दरवाजे के पास पहुंचे और दरवाजा पीटने लगे। पीटने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। ऐसे में स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो दरवाजा तोड़ा गया। दरवाजा तोड़ने के बाद अंदर का वाकया देखकर हर कोई हैरान रह गया। बेड पर पति पत्नी और दो मासूम बच्चे अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। आनन-फानन में सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में पहुंचने के बाद छोटे बेटे को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि राहुल और उसकी पत्नी ने रिंकी तथा 5 वर्षीय बेटे अनुज का उपचार चल रहा है।

देर रात में बीमार हुआ था मासूम बच्चा
मकान मालिक सोमारू सिंह ने बताया कि रात में 2 वर्षीय मासूम के बीमार होने के बाद परिवार के लोग काफी परेशान हो गए। इस दौरान मकान मालिक द्वारा सलाह दिया गया कि डॉक्टर को दिखा दिया जाए लेकिन राहुल और उसकी पत्नी ने कहा कि रात अधिक हो गई है ऐसे में सुबह में बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएंगे। बच्चे को ठंड लगी होगी इसी आशंका और ठंड से बचाव के लिए रिंकी ने कमरे में अंगीठी सुलगा दिया था। मां और पिता को इस बात की तनिक भी जानकारी नहीं थी कि जिस आग को गर्माहट के लिए जलाया जा रहा है, वही आग उनके मासूम बच्चे और परिवार के लिए काल बन जाएगी। फिलहाल राहुल उसकी पत्नी और उसके बेटे अनुज का उपचार अस्पताल में चल रहा है। जौनपुर में उसके परिवार के लोगों को भी पुलिस द्वारा सूचना दे दी गई है।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications