काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष बोले- विश्वेश्वर की मूर्ति मिल गई है तो वजुखाना कैसे हो सकता है
वाराणसी, 18 मई: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष नागेंद्र पांडे ने बुधवार को कहा कि बाबा विश्वेश्वर की मूर्ति मिल गई है तो वजुखाना कैसे हो सकता है, अब ऐसा नहीं हो सकता। हमारी मांग है कि जब तक फैसला नहीं आ जाता, तब तक शिवलिंग काशी विश्वनाथ न्यास को सौंप दिया जाए। बता दें, ज्ञानवापी मस्जिद के वजुखाने (नमाज से पहले वजु करने की जगह) को प्रशासन ने सील कर दिया है। प्रशासन ने लोहे की चादरें और जाली लगाकर वजूखाने को बंद कर दिया है। अब किसी को भी इस जगह पर जाने की इजाजत नहीं है। वजुखाने की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है। सीआरपीएफ के दो जवान दिन-रात सील की गई इस जगह पर तैनात रहेंगे।

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए गए सर्वे में वजुखाने के अंदर शिवलिंग मिलने के दावे के बाद कोर्ट ने वाराणसी जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि मस्जिद के जिस वजुखाने के अंदर शिवलिंग मिला है, उसे सील कर दिया जाए और जिला प्रशासन उसे अपनी सुरक्षा में ले ले। मस्जिद के वजुखाने को कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने सील कर दिया है और सीआरपीएफ की टीम मौके पर तैनात कर दिया है।
मायावती ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
बता दें, ज्ञानवापी परिसर को लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है। सपा के बाद बसपा ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। बुधवार को बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि बीजेपी द्वारा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं। आजादी के इतने वर्षों के बाद ज्ञानवापी, मथुरा, ताजमहल व अन्य स्थलों के मामले में षडयंत्र के तहत लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है। मायावती ने आगे कहा कि इससे अपना देश मजबूत नहीं होगा, बीजेपी को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही विशेष कर एक धर्म समुदाय से जुड़े स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया से अपने देश में शांति, सद्भाव नहीं बल्कि द्वेष की भावना उत्पन्न होगी।












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