Ganga flood: वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, घाट किनारे मंदिर डूबे, आरती का स्थान भी बदला
Ganga flood: देश के उत्तरी और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंगा नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे घाटों पर दहशत का माहौल है।
बुधवार को सुबह गंगा का जलस्तर 62.28 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो शाम होते-होते 63.37 मीटर तक पहुंच गया। यानी नौ घंटे के भीतर 1.09 मीटर की वृद्धि हुई है। कुल 33 घंटों में यह बढ़ोतरी 1.84 मीटर तक पहुंच चुकी है।

जलस्तर में इस तेज वृद्धि ने घाट किनारे बसे लोगों और नाविक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। गंगा किनारे बने छोटे मंदिर डूब चुके हैं और घाटों पर आवाजाही बाधित होने लगी है। कई जगह घाटों के आपसी संपर्क टूट गए हैं।
गंगा आरती का स्थान बदला, छोटी नावों पर रोक
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान मंगलवार शाम को ही ऊपर शिफ्ट कर दिया गया।
छोटी नावों के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। नाविक अपनी नावों को सुरक्षित स्थानों पर बांध रहे हैं। घाटों पर रहने वाले लोग भी अपना सामान ऊंचाई पर ले जाने में जुट गए हैं।
चार दिन में गंगा का जलस्तर 4.41 मीटर बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 29 जून से अब तक गंगा का जलस्तर 4.41 मीटर तक बढ़ चुका है। पानी बढ़ने की रफ्तार अब 10 मिमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जो सामान्य से कहीं अधिक है।
गंगा का यह उफान वाराणसी के साथ-साथ गाजीपुर और बलिया में भी देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घाटों पर लोगों की आजीविका पर मंडराया संकट
तेजी से बढ़ते जलस्तर का असर घाटों पर काम करने वालों की रोजी-रोटी पर साफ दिख रहा है। नाविकों के साथ-साथ फूल विक्रेता, पंडा समाज और अन्य घाट आधारित व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
घाटों पर शवदाह और पूजा-पाठ जैसी धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। जलस्तर में निरंतर वृद्धि की स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में यह असर और गहरा हो सकता है।
NDRF और जल पुलिस की टीम अलर्ट मोड में
गंगा के घाटों और तटवर्ती इलाकों में एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों को तैनात कर दिया गया है। गंगा आरती और धार्मिक आयोजनों के दौरान भी अब अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
गंगा किनारे रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार अभी जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 10 मीटर नीचे है, लेकिन रफ्तार को लेकर चिंता बरकरार है।












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