वाराणसी में सुब्रत पाठक बोले, आरोप लगाने वालों ने देखा होगा दूध पीता शेर
नए संसद भवन के अशोक स्तंभ के मामले में वाराणसी में सुब्रत पाठक बोले, आरोप लगाने वाले लोगों ने देखा होगा दूध पीता शेर
वाराणसी, 16 जुलाई : नए संसद भवन सेंट्रल विस्टा की छत पर बने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर विपक्षी पार्टियों द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर आज वाराणसी पहुंचे कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि सवाल उठाने वाले लोग दूध पीता हुआ शेर देखे होंगे, या फिर वह लोग बिना दांत के शेर देखे होंगे। यह भारत का शेर है, जो सारनाथ में स्थित अशोक स्तंभ की तरह ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उन लोगों के दिमाग में अंतर है और वह अंतर हमेशा रहेगा।

दूसरों को काफिर कहने वाले दे रहे धर्म की परिभाषा
वहीं उन्होंने आगे कहा कि भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और भारत में रहने वाले जो बहुसंख्यक हैं वह निश्चित रूप से सर्वधर्म समभाव उनके डीएनए में है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से निकले हुए जितने धर्म हैं चाहे वो बौद्ध हों, सिक्ख हों, जैन हों, सभी लोग परंपरा को मानने वाले हैं सभी लोग अपने हैं सभी लोग एक परिवार के हैं। लेकिन कहीं ना कहीं कुछ संप्रदाय विशेष के लोग इस प्रकार के हैं जो अपने अलावा किसी दूसरे को देखना नहीं चाहते हैं। काफिरों की हत्या करने को अपना धर्म मानते हैं। अब यदि ऐसे लोग धर्म की परिभाषा बोलते हैं, तो यही कारण है कि धर्म पर विवाद छिड़ा हुआ है।
देश के भविष्य को बेहतर बनाने में जनसंख्या नियंत्रण जरूरी
उन्होंने बढ़ती जनसंख्या पर चिन्ता जताते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों के चलते बहुत सी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। बढ़ती जनसंख्या आने वाले भविष्य के लिए खतरा है और इसके ऊपर चिंतन करना पड़ेगा। यदि हमको भारत के भविष्य को बेहतर बनाना है, तो जनसंख्या के नियंत्रण पर हमें प्रयास करना जरूर शुरू कर देना चाहिए। वहीं उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के समर्थन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से आदिवासी महिला को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया। इसमे दलीय सीमाएं टूट रही हैं और सभी दल राष्ट्रपति उम्मीदवार को अपना समर्थन दे रहे हैं।
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