Ajay Rai statement: अजय राय का बीजेपी पर वार, बोले- प्रोफेसर जेल में, मंत्री आजाद, ये है भाजपा का न्याय मॉडल?
Ajay Rai statement: अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा है कि यह 'भाजपा की दोहरी नीति' का स्पष्ट उदाहरण है।
अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक प्रोफेसर को सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जेल भेज दिया गया, जबकि भाजपा मंत्री विजय शाह, जिन पर सेना की महिला अफसर पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप है, अब तक खुलेआम घूम रहे हैं।

क्या भाजपा नेताओं को छूट मिली हुई है?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार कानून को अपने हिसाब से लागू कर रही है। उन्होंने पूछा कि जब एक नागरिक को सिर्फ सरकार की आलोचना पर गिरफ्तार किया जा सकता है, तो एक मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
उन्होंने आरोप लगाया कि विजय शाह द्वारा सेना की महिला अफसर कर्नल सोफिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बावजूद भाजपा चुप है। हाईकोर्ट के निर्देश पर FIR तो हुई, लेकिन अब तक मंत्री को गिरफ्तार नहीं किया गया।
अजय राय का ट्वीट बना चर्चा का विषय
अजय राय ने अपने ट्वीट में लिखा, "अली खान महमूदाबाद को सिर्फ एक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन एक भाजपा मंत्री जो एक कर्नल को 'आतंकियों की बहन' कहता है, वह अब तक आज़ाद है। क्या भाजपा में होना कानून से ऊपर होने का प्रमाण बन गया है?"
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है और कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ आम लोगों की भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूज़र्स ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
कांग्रेस ने बताया यह लोकतंत्र का अपमान
कांग्रेस पार्टी ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार सत्ता के दम पर आलोचकों को दबाना चाहती है, जबकि अपने नेताओं के विवादास्पद बयानों पर आंखें मूंद लेती है।
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक प्रोफेसर या मंत्री का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता का है। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब एक नागरिक या विपक्षी नेता कोई टिप्पणी करता है, तो सरकार त्वरित कार्रवाई करती है। लेकिन जब भाजपा के नेता वही गलती करते हैं, तो या तो FIR हल्की की जाती है या उन्हें गिरफ्तारी से बचाया जाता है।
अजय राय ने पूछा कि आखिर किस दबाव में विजय शाह को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया? क्या भाजपा में नेताओं के लिए कानून अलग है और आम नागरिकों के लिए अलग?












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