पूर्व सीएम हरीश रावत ने खुद को पार्टी से निष्कासन की क्यों उठाई मांग, जानिए वजह
पैसे देकर टिकट देने के आरोप के बाद हरदा ने दिया बड़ा बयान
देहरादून, 15 मार्च। उत्तराखंड में मिली करार हार के बाद कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। सीनियर नेताओं ने सोशल मीडिया में ही एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं पूर्व सीएम हरीश रावत ने खुद पर लग रहे आरोपों से आहत होकर पार्टी से निष्कासित करने की मांग कर दी है। इससे आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर महाभारत होनी तय है।

हार होते ही शुरू हो गई महाभारत
प्रदेश में सत्ता की वापसी को लेकर उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को चुनाव में 19 सीटों से ही संतुष्ट होना पड़ रहा है। इससे कांग्रेस के अंदर सीनियर नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। सबसे पहले चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया में हार की जिम्मेदारी लेने की बात की। इसके बाद हरीश रावत पर प्रीतम सिंह ने कटाक्ष करते हुए फसलें बोए कोई और काटे कोई का आरोप लगाया। जिसके बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया में अपनी भड़ास निकाली। हरीश रावत ने प्रीतम सिंह पर हमला करने के साथ ही लालकुंआ से टिकट लड़वाने को लेकर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए। इतना ही नहीं हरीश रावत ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मु्द्दे को लेकर हुए विवाद को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। जिसके बाद कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। इस बीच रामनगर में टिकट को लेकर हुए विवाद के शांत होने के बाद पहली बार रणजीत रावत ने चुनाव में हार के लिए हरीश रावत को जमकर कोसा। रणजीत ने हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए टिकट बंटवारे में पैसे लेने का
गंभीर आरोप लगाया है। रणजीत रावत के आरोप के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए ही रणजीत रावत के आरोपों का जबाव दिया है। हरीश रावत का कहना है कि
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पद और पार्टी टिकट बेचने का आरोप अत्यधिक गंभीर है और यदि वह आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर लगाया जा रहा हो, जो मुख्यमंत्री रहा है, जो पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहा है, जो पार्टी का महासचिव रहा है और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य है और आरोप लगाने वाला व्यक्ति भी गंभीर पद पर विद्यमान व्यक्ति हो और उस व्यक्ति द्वारा लगाये गये आरोप को एक अत्यधिक महत्वपूर्ण पद पर विद्यमान व्यक्ति व उसके सपोटर्स द्वारा प्रचारित-प्रसारित करवाया जा रहा हो, तो यह आरोप और भी गंभीर हो जाता है। यह आरोप मुझ पर लगाया गया है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि कांग्रेस पार्टी मेरे पर लगे इस आरोप के आलोक में मुझे पार्टी से निष्कासित करे।
हरीश रावत और रणजीत रावत एक बार फिर खुलकर आमने सामने
हरीश रावत और रणजीत रावत एक बार फिर खुलकर आमने सामने आ चुके हैं। जिसके बाद से कांग्रेस के अंदर एक बार फिर सियासी तूफान आ गया है। दोनों सीनियर नेताओं के आपस में भिड़ने से पार्टी के दूसरे नेताओं में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया में हुई बयानबाजी से नाराज धनोल्टी से कांग्रेस प्रत्याशी रहे जोत सिंह बिष्ट ने प्रदेश अध्यक्ष को इस तरह के लोगों को पार्टी से बाहर करने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इस तरह के लोगों को बाहर नहीं किया गया तो वे खुद पार्टी से बाहर हो जाएंगे।












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