केन्द्रीय बजट 2024- 25 में उत्तराखंड के लिए क्या? वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया क्या क्या होगा फायदा
वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने केन्द्रीय बजट को केवल एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा, नीतियों और सामाजिक कल्याण पहलों को आकार देने का एक शक्तिशाली साधन बताया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत अवशेष कार्यों को पूर्ण करने की समय-सीमा को इसे 2028 तक बढाया गया है।
इससे राज्य में अवशेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जा सकेगा तथा परियोजना का व्यय भार का 90 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। केन्द्रीय बजट में उत्तराखण्ड में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 4641 करोड रूपये का बजट आवंटित किया गया है।

यह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल को आवंटित बजट से कहीं अधिक है। इससे उत्तराखण्ड में चल रही परियोजनाओं के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। 63 किमी0 लम्बी किच्छा-खटीमा रेल लाइन के लिए 228 करोड रूपये की व्यवस्था की गई है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से न सिर्फ प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोडों पर्यटको के लिए पर्यटन-तीर्थाटन के नए रास्ते खुलेंगें।
इसके अतिरिक्त रेल बजट में उत्तराखण्ड के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए बजट की व्यवस्था की गयी है। देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुंआ जंक्शन, रामनगर, रूडकी, टनकपुर के रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन बनाने को 147 करोड रूपये मिले है।
इसी तरह कुछ और घोषणाएं भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे 125 शहरों के लिए नई उडान योजना की घोषणा से उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी बढेगी। अगले 3 साल में सभी जिलों में कैंसर सेंटर बनाने से प्रदेश में चिकित्सा सेवा को विस्तार मिलेगा। कैंसर की दवाएं सस्ती होने की भी घोषणा की गई है। इंडिया पोस्ट को एक बड़े सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में परिवर्तित करने से उत्तराखण्ड के दूर-दराज क्षेत्रों में पोस्ट आफिस के माध्यम से आर्थिक गतिशीलता बढेगी। सूक्ष्म उद्यमों के लिए एमएसएमई क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई है।
प्रदेश के बजट को लेकर पूछे सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, विगत वर्ष की तरह हम केंद्र का अनुसरण करते हुए ज्ञान शब्द के सार से जुड़े समाज को फोकस करते हुए योजना बना रहे हैं। इस संबंध में तमाम स्टेट होल्डरों से हमने चर्चा की है और जो भी सुझाव आए हैं उनके आधार पर प्रदेश में भी जन कल्याण के कामों को समग्र विकास के साथ आगे बढ़ाएंगे। सभी स्टेट होल्डर ने अपने-अपने विषय रखें कुछ ने मौखिक रूप से और कुछ ने लिखित रूप में अपने सुझाव दिए हैं। सबका संकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 या 9 फरवरी तक बजट के लिए आए प्रस्ताव, सुझाव, संवाद आदि से संकलित विषयों की समीक्षा कर ली जाएगी।












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