Uttarkashi Video: सुरंग में फंसे 40 श्रमिकों के लिए कैसे 'पाइप' जगा रहा जीने की आस, ऐसे हो रही बात
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन में फंसे 40 मजदूरों के बचाव का अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। टनल में फंसे श्रमिकों को पाइप से निकालने की तैयारी है। जबकि पाइप के जरिए ही अंदर फंसे श्रमिकों से बातचीत की जा रही है।

आज एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने घटनास्थल पर पहुंच श्रमिकों से बात की साथ ही सुरक्षित रेस्क्यू का आश्वासन दिया। रसद और आवश्यक दवाइयां भी पहुंचाई गई। टनल में फंसे श्रमिकों से मणिकांत मिश्रा ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से बात की गई। उन्होंने श्रमिकों का हौसला बढ़ाया। श्रमिकों द्वारा बताया गया कि वे सब ठीक है।
इस बीच टनल के अन्दर फंसे श्रमिकों से वॉकी-टॉकी के माध्यम से उनके परिजनों की बातचीत करवाकर धैर्य बंधाया गया। सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। अंदर फंसे कोटद्वार निवासी गंभीर सिंह नेगी के बेटे ने उनसे संपर्क कर कुशलक्षेम जानी। उत्तरकाशी पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा भी श्रमिकों के परिजनों से सम्पर्क कर उनको अपडेट दिया जा रहा है।
रेस्क्यू टीम को उम्मीद है कि पाइपों के जरिये एस्केप टनल तैयार करने का अभियान कामयाब होगा और सभी मजदूर सुरक्षित निकाल लिए जाएंगे। रेस्क्यू के लिए 900 मिमी व्यास के पाइप व ऑगर ड्रिलिंग मशीन के साइट पर पहुंचने के बाद से मशीन से ड्रिलिंग का तेजी से किया जा रहा है। अब ऑगर ड्रिलिंग मशीन मंगाई है, यह मशीन मलबे में 900 मिमी स्टील पाइप लगाएगी। इन 900 मीटर के पाइप के जरिए सुरंग में फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।
बता दें कि पहले 60 मीटर के दायरे में मलबा फैला हुआ है। 25 मीटर तक मलबा हटाया गया था, लेकिन जितना मलबा हटाया गया, उतना और गिर गया। जिससे अब मलबे में ड्रिलिंग कर पाइप डालने की योजना बनाई गई है। गाजियाबाद से भी आयरन के 820 एमएम के पाइप लेकर एक ट्रक पहुंचा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर घटनास्थल पर तैनात जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्यरत एजेंसियों से निरंतर समन्वय बनाकर रखने के निर्देश दिए। कहा सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए राहत सामग्री की किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।












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