क्या सच में लीक हो गया लाखों JEE छात्रों का पर्सनल डेटा? IIT Roorkee ने सामने आकर बताया पूरा सच
JEE Advanced 2026: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced 2026 को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर डेटा लीक की चर्चा तेज थी। दावा किया जा रहा था कि लाखों छात्रों की निजी जानकारी इंटरनेट पर खुली रह गई और किसी भी व्यक्ति के लिए उसे देखना संभव था। इस खबर ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी थी।
अब इस पूरे मामले पर परीक्षा आयोजित करने वाले IIT Roorkee ने विस्तार से सफाई दी है। संस्थान ने साफ कहा है कि बड़े पैमाने पर डेटा लीक होने की बातें सच नहीं हैं। IIT Roorkee के अनुसार यह केवल एक अस्थायी तकनीकी गड़बड़ी थी, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया। संस्थान का कहना है कि किसी भी छात्र के संवेदनशील डेटा से छेड़छाड़ नहीं हुई और परीक्षा परिणामों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को बताया भ्रामक
IIT Roorkee ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो जानकारी साझा की जा रही है, वह वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखाती। संस्थान के मुताबिक लाखों छात्रों की निजता प्रभावित होने और बड़े डेटा लीक के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। संस्थान ने कहा कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और इससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश हुई।
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सिर्फ "रीड ओनली" मोड में था डेटा
IIT Roorkee के अनुसार जिस क्लाउड स्टोरेज को लेकर सवाल उठे, वह केवल "रीड ओनली" मोड में था। इसका मतलब यह है कि वहां मौजूद जानकारी को बदला या हटाया नहीं जा सकता था। संस्थान ने बताया कि क्लाउड एक्सेस लॉग की जांच में यह भी सामने आया कि किसी तरह का बड़े स्तर पर डेटा डाउनलोड नहीं हुआ। कुल डेटा के 0.05 प्रतिशत से भी कम हिस्से तक सीमित पहुंच दर्ज की गई।
रिजल्ट और रैंक पर नहीं पड़ा कोई असर
IIT Roorkee ने स्पष्ट किया कि इस घटना से किसी भी छात्र के अंक, रैंक, श्रेणी या परीक्षा परिणाम प्रभावित नहीं हुए। संस्थान का कहना है कि न तो संवेदनशील जानकारी बड़े पैमाने पर निकाली गई और न ही किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना थी। इसलिए छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।
आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला तब सामने आया जब एक किशोर साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने दावा किया कि JEE Advanced रिजल्ट पोर्टल का एक सार्वजनिक क्लाउड स्टोरेज एंडपॉइंट बिना लॉगिन के एक्सेस किया जा सकता था। दावे के बाद सोशल मीडिया पर डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इसके बाद IIT Roorkee ने स्वीकार किया कि क्लाउड स्टोरेज कॉन्फिगरेशन से जुड़ी एक तकनीकी समस्या सामने आई थी, जिसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया।
एडमिट कार्ड से जुड़ी समस्या के दौरान हुई गड़बड़ी
संस्थान के अनुसार 2 जून को कुछ छात्रों को एडमिट कार्ड डेटा तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। साथ ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी तकनीकी बदलाव किए गए थे। इन्हीं बदलावों के दौरान क्लाउड स्टोरेज सिस्टम में थोड़े समय के लिए एक छोटी कॉन्फिगरेशन गड़बड़ी हो गई। हालांकि इसे जल्द ही पहचान लिया गया और ठीक कर दिया गया।
एथिकल हैकर ने दी थी जानकारी
IIT Roorkee ने बताया कि एथिकल हैकर रायलन अनिल ने इस तकनीकी खामी की पहचान की थी। उन्होंने संस्थान को सूचना दी कि संबंधित डेटाबेस तक पहुंच संभव हो रही है। जानकारी मिलते ही तकनीकी टीम ने कार्रवाई की और तुरंत एक्सेस को सीमित कर दिया। इसके बाद सिस्टम को सुरक्षित बना दिया गया।
परीक्षा एजेंसियों पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
हाल के महीनों में प्रवेश परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। CUET-UG 2026 के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इसके लिए Tata Consultancy Services (TCS) द्वारा संचालित सिस्टम में आई तकनीकी समस्या को जिम्मेदार बताया था।
NEET-UG भी रहा विवादों में
CUET के बाद NEET-UG 2026 भी विवादों में रहा। 3 मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द करना पड़ा था। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी। साथ ही 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
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