Pakistan: जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान ने उगला जहर, तो उमर अब्दुल्ला की पार्टी ने लगाई ऐसी लताड़ कि रो पड़ेगा शहबाज
Pakistan statement on Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उमर अब्दुल्ला सरकार को "कठपुतली सरकार" बताते हुए उस पर कश्मीर की मुस्लिम पहचान को खत्म करने की कोशिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने और 2024 में नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब पाकिस्तान ने सीधे जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को निशाना बनाया है।
पाकिस्तान के आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उसे पाकिस्तान से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। पार्टी ने पाकिस्तान पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान ने उमर सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि श्रीनगर में मौजूद सरकार नई दिल्ली की बनाई हुई "कठपुतली सरकार" है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम पहचान को कमजोर करने की कोशिशों में शामिल है। अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन मुद्दों को उठाने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान इस मामले में जवाबी कार्रवाई भी करेगा।
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गुर्जरों के घरों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाए सवाल
पाकिस्तान ने जम्मू क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कुछ घरों को गिराए जाने का मुद्दा भी उठाया। अंद्राबी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह कश्मीर को "हिंदू प्रदेश" बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों का विस्थापन और संसाधनों का इस्तेमाल इसी रणनीति के तहत किया जा रहा है। हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी और बाद में सरकार ने इसकी जांच के आदेश भी दिए थे।
National Conference reply to Pakistan: नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिया करारा जवाब
पाकिस्तान के बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से किसी तरह के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया, चुनाव और संवैधानिक राजनीति से असहज रहता है। सादिक के मुताबिक, पाकिस्तान न तो यहां के लोगों के जनादेश का सम्मान करता है और न ही उनकी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का समर्थन करता है। इसलिए उसके ऐसे बयान कोई महत्व नहीं रखते।
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2019 के बाद पहली बार चुनी हुई सरकार पर हमला
विशेष दर्जा खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक हालात काफी बदल चुके हैं। 2024 में नई सरकार बनने के बाद पाकिस्तान पहली बार सीधे चुनी हुई सरकार पर हमला बोलता नजर आया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने की कोशिश है। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसे बाहरी दखल बताते हुए साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति का फैसला यहां की जनता करेगी, पाकिस्तान नहीं।












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