Mohtasim कौन है? जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तार! मोहाली ब्लास्ट में हाथ, अब देवबंद से अरेस्ट-पूरी क्राइम कुंडली
Terrorist Mohammad Mohtasim Arrested: राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के मोहाली में हालिया बम विस्फोटक साजिश की जांच देवबंद (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) तक पहुंच गई। यूपी एटीएस और पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने 4 जून 2026 की देर रात देवबंद के बचीटी गांव से मोहम्मद मोहतसीम (32) को गिरफ्तार किया। आरोपी को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने और पाकिस्तानी हैंडलर्स को तकनीकी सहयोग देने का संदेह है।
यह गिरफ्तारी महज एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि क्रॉस-बॉर्डर आतंकी नेटवर्क और उसके भारतीय सहयोगियों की एक कड़ी को तोड़ने का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पूरे मॉड्यूल को उजागर करने में जुटी हैं।

Who Is Mohammad Mohtasim: मोहतसीम कौन है? परिवार और बैकग्राउंड
मोहम्मद मोहतसीम बचीटी गांव का निवासी है। वह वर्तमान ग्राम प्रधान का भाई है। गांव में उसका परिवारिक बैकग्राउंड काफी प्रभावशाली माना जाता है, लेकिन उसकी व्यक्तिगत कुंडली अपराधों से भरी हुई है। देवबंद कोतवाली में उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह हिस्ट्रीशीटर है, स्थानीय आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम पहले भी आ चुका है।
परिवार के अपराधी रिकॉर्ड की भी जांच हो रही है। एजेंसियां देख रही हैं कि क्या पुराने आपराधिक मामले और नई आतंकी साजिश में कोई लिंक है। मोहतसीम की गिरफ्तारी गुपचुप तरीके से की गई। देर रात संयुक्त टीम गांव पहुंची, छापेमारी की और आरोपी को हिरासत में लेकर ले गई। स्थानीय स्तर पर किसी को भनक तक नहीं लगी।
मोहाली ब्लास्ट की साजिश? Pakistan के Shahzad Bhatti से संपर्क
पंजाब पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को मोहाली के वाईपीएस चौक, फेज-7 से मनी सिंह (32, अमृतसर), अभिषेक कुमार (28) और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से करीब 1.9 किलो से 2.5 किलो RDX आधारित तैयार IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस), डेटोनेटर, बैटरी, वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
पूछताछ में मनी सिंह ने मोहतसीम का नाम लिया। उसने बताया कि दोनों का संपर्क गैंगस्टर शहजाद भट्टी (Shahzad Bhatti) के माध्यम से हुआ। इंस्टाग्राम और मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत हुई। दोनों को मोहाली में बम विस्फोट का टारगेट दिया गया था। यह साजिश विदेश-आधारित हैंडलर की निर्देश पर चल रही थी।
नोट: मोहाली में 2022 का प्रसिद्ध RPG अटैक (पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर) अलग मामला था, लेकिन वर्तमान साजिश भी मोहाली को टारगेट करने वाली बताई जा रही है। एजेंसियां पुराने और नए मामलों के क्रॉस-लिंक्स की जांच कर रही हैं।
जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन: OTP शेयरिंग और टेक्निकल सपोर्ट

सबसे गंभीर आरोप यह है कि मोहतसीम ने जैश-ए-मोहम्मद(Jaish-e-Mohammed) के पाकिस्तानी हैंडलर्स को अपना WhatsApp OTP और अकाउंट की तकनीकी पहुंच उपलब्ध कराई। इसके जरिए आतंकी संगठन उसके अकाउंट से मैसेज भेजते थे, भारतीय नेटवर्क को ऑपरेट करते थे और संदेश प्रसारित करते थे।
यह 'व्हाइट-कॉलर' टेरर सपोर्ट का क्लासिक उदाहरण है। जहां व्यक्ति खुद बम नहीं लगाता, लेकिन तकनीकी और लॉजिस्टिकल सहायता देकर मॉड्यूल को मजबूत बनाता है। JeM पाकिस्तान स्थित Deobandi-jihadist संगठन है, जो मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है, लेकिन भारत के अन्य हिस्सों में भी मॉड्यूल बनाने की कोशिश करता रहा है।
एजेंसियों ने मोहतसीम के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सिम कार्ड और अन्य सामग्री बरामद की है। इनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है, जिससे संपर्कों का दायरा, अन्य सहयोगी और फंडिंग चेन सामने आने की उम्मीद है।
जांच कैसे देवबंद तक पहुंची?
- मोहाली में IED बरामदगी और गिरफ्तारियां।
- मनी सिंह की पूछताछ में मोहतसीम का नाम।
- खुफिया इनपुट पर यूपी एटीएस को अलर्ट।
- संयुक्त टीम की रात की छापेमारी (4 जून, 1:30 बजे के आसपास)।
यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। एजेंसियां अन्य राज्यों में भी संभावित लिंक्स की जांच कर रही हैं।
आतंकवाद की बदलती रणनीति को समझें...
आजकल आतंकी संगठन बड़े हमलों के साथ-साथ छोटे-छोटे मॉड्यूल, लोकल क्रिमिनल्स को रिक्रूट करना और सोशल मीडिया/टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोहतसीम जैसा व्यक्ति (हिस्ट्रीशीटर, लोकल इनफ्लुएंस वाला) उनके लिए उपयोगी साबित होता है। आर्थिक प्रलोभन, धार्मिक ब्रेनवॉशिंग या ब्लैकमेल के जरिए ऐसे लोगों को शामिल किया जाता है।
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां विदेशी हैंडलर्स लोकल युवाओं या क्रिमिनल्स को बम साजिश में इस्तेमाल करते हैं।
ATS के लिए चुनौती बने ये बड़े सवाल?
- इंस्टाग्राम और मैसेजिंग ऐप्स पर विदेशी हैंडलर्स कैसे आसानी से संपर्क बनाते हैं?
- हिस्ट्रीशीटर कैसे आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं?
- क्या परिवार को भनक थी? आगे जांच होगी।
- यूपी-पंजाब की संयुक्त कार्रवाई एक अच्छा उदाहरण है, लेकिन और तेजी की जरूरत।
- भारत में अस्थिरता फैलाना, युवाओं को रेडिकलाइज करना।
आगे क्या?
मोहतसीम से सख्त पूछताछ जारी है। उसके बयान, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पंजाब और यूपी पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि में सावधानी बरती है, क्योंकि जांच संवेदनशील चरण में है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि आतंकवाद सिर्फ बॉर्डर पर नहीं, बल्कि गांव-शहर के अंदरूनी ताने-बाने में भी फैला हुआ है। एजेंसियों को सतर्क रहना होगा, जबकि समाज को रेडिकलाइजेशन के खिलाफ जागरूक होना पड़ेगा।













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