उत्तरकाशी सुरंग में इंस्टॉल होगा वाईफाई, अंदर भेजा जाएगा मोबाइल फोन
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पिछले 9 दिनों से 41 मजदूर सुरंग में फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने की लगातार कोशिश हो रही है। यहां पर डीआरडीओ के दो रोबोट भेजे गए हैं। इसके साथ ही सुरंग के भीतर अतिरिक्त पाइप डाली गई है ताकि मजदूरों को इसके जरिए खाने-पीने की चीजें भेजी जा सके। पहले पाइफ पतली होने की वजह से मजदूरों को इसके जरिए मुरमुरे, ड्राई फ्रूट आदि भेजे जा रहे थे। लेकिन अब उन्हें खिचड़ी, सेब, दलिया आदि भेजी जा रही है।
इस बीच कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि हम अंदर खाद्य सामग्री, मोबाइल, चार्जर अंदेर भेजेंगे ताकि अंदर फंसे मजदूरों को मदद मिल सके। हम कोशिश करेंगे कि सुरंग के अंदर वाई-फाई को इंस्टॉल करने जा रहे हैं ताकि बेहतर संपर्क हो सके। डीआरडीओ के रोबोट लगातार काम कर रहे हैं।

डीआरडीओ के जो दो रोबोट यहां काम कर रहे हैं उनका वजन 20 और 50 किलोग्राम है। पिछले 9 दिनों से फंसे मजदूरों की हालत अंदर फिलहाल ठीक है लेकिन उनकी जान को खतरा लगातार बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रमिकों के जो परिजन यहां आना चाहते हैं उनका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जरूरमंद परिजनों को मोबाइल रिचार्ज, भोजन, आवास आदि की व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि सुरंग के एक छोर में ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। इसके लिए टीएचडीसी की 8-10 लोगों की टीम यहां पहुंच गई है।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स आज उत्तरकाशी पहुंचे हैं। उन्होंने यहां घटनास्थल का निरीक्षण किया और वह श्रमिकों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटी टीम की मदद कर रहे हैं। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि हम लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, हमारी कोशिश है कि इस ऑपरेशन के दौरान सुरंग के भीतर किसी को कोई चोट ना आए। यहां सबकुछ सकारात्मक दिख रहा है।












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