Uttarkashi News: हाईवे ध्वस्त होने से कटे उपला टकनौर के गांवों में बढ़ी मुश्किलें, रेस्क्यू बोट का भी सहारा
Uttarkashi News उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद से हरसिल घाटी की रोड कनेक्टविटी 13 दिन से बंद पड़ी है। जिससे डबरानी से आगे के गांव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बीआरओ और स्थानीय प्रशासन सड़क मार्ग के वेकल्पिक मार्ग को तैयार करने में जुटा है, लेकिन कई जगह नए भूस्खलन क्षेत्र और सड़क मार्ग वॉश आउट होने से प्रशासन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
मौसम भी इसमें बार-बार खलल डाल रहा है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां ग्रामीणों को रोजमर्रा की चीजें उपलब्ध कराने की है। ऐसे में प्रशासन ने डबरानी और सोनगाड के बीच भागीरथी नदी में राफ्ट उतारकर राहत पहुंचाने की कोशिश की है। राफ्ट उतारकर गैस सिलिंडर और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।

इसके साथ ही ग्रामीणों को भी राफ्ट के जरिए पार कराय जा रहा है। गंगोत्री हाईवे क्षतिग्रस्त होने से आठ गांवों के लिए एक महीने का अग्रिम राशन भेजा गया। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाने के काम में मौसम बाधा बना है। रविवार को दिनभर हेलीकॉप्टर राहत सामग्री लेकर उड़ान नहीं भर सके।
वहीं, प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डबरानी व सोनगाड के बीच भागीरथी नदी में राफ्ट उतारकर घरेलू रसोई गैस सिलिंडर व अन्य आवश्यक सामग्री को पार पहुंचाया। गंगोत्री हाईवे डबरानी व सोनगाड़ के बीच जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। ऐसे में अब राफ्ट का सहारा लिया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, रसद व आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति लगातार जारी है। अब तक 57 गैस सिलिंडर तथा 45 लोगों को आर-पार कराया गया है। इस काम के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही एसडीआरएफ, अग्निशमन, एनआईएम तथा पूर्ति विभाग की ओर से श्रमिकों को लगाया गया है। जो कि एक स्थान से दूसरे स्थान तक जरुरी सामग्री पहुंचाने का काम संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
गंगोत्री हाईवे ध्वस्त होने से कटे उपला टकनौर के आठ गांवों सुक्की, जसपुर, पुराली, झाला, मुखबा, धराली, हर्षिल व बगोरी के लिए झाला अन्न भंडार से एक माह का अग्रिम राशन भेजा गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देष पर अन्न भंडार में भी पर्याप्त मात्रा में अन्न का भंडारण सुनिश्चित किया गया है।












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