Uttarakhand news: सेना ने संभाला 'ऑपरेशन सिलक्यारा', हरक्यूलिस विमान से पहुंची मशीनें, विदेशी टीमों से भी मदद
Uttarakhand Tunnel Collapse update उत्तरकाशी के यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग हादसे में फंसे 40 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अब सेना की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन में अब नार्वे और थाइलैंड की विशेष टीमों की भी मदद ली जा रही है।

मंगलवार को लगाई गई ऑगर मशीन के कामयाब न होने के बाद नई दिल्ली से हरक्यूलिस विमान से नई मशीन मंगवाई गई है। बुधवार को वायुसेना के तीन हरक्यूलिस विमानों से चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर मशीन के पार्ट्स उतारे गए। जिसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सिलक्यारा पहुंचाया गया है।
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रेस्क्यू अभियान में अब थल और वायु सेना दोनों की मदद ली जा रही है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर ऑगर मशीन की अनलोडिंग व रेस्क्यू साइट तक परिवहन के लिए समन्वय की जिम्मेदारी एसडीएम डुंडा बृजेश कुमार तिवारी संभाल रहे हैं। ऑगर मशीन हेतु प्लेटफार्म तैयार कर लिया गया है।
ड्रिल के लिए 900 एमएम के पाइप को टनल के अंदर ले जाया जा रहा है। ऑगर मशीन के अधिकतर पार्ट्स पहुंच चुके हैं। शासन के सूत्रों के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन में अब नार्वे और थाइलैंड की विशेष टीमों की भी मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीम ने थाइलैंड की उस टीम से संपर्क किया है। जिसने गुफा में फंसे बच्चों को बाहर निकाला था।
सुरंग में झारखंड, यूपी, बिहार समेत अन्य राज्यों के मजदूर फंसे हैं। जिन्हें बाहर निकालने के लिए अब दूसरे राज्यों की टीमें पहुंच रही हैं। यूपी और झारखंड की टीमें लगातार उत्तरकाशी प्रशासन से संपर्क में है। साथ ही अंदर फंसे मजदूरों से कुशलता भी पूछी है। सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू और समन्वय बनाने के लिए विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के दल उत्तरकाशी पहुंच रहे हैं।
श्रमिकों की कुशलता के लिए अब पूजा पाठ का भी सहारा लिया जा रहा है। बुधवार को बाबा बौखनाग देवता के पश्वा ने टनल के बाहर पूजा अर्चना की।












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