चमोली में भूस्खलन में फंसे 200 लोगों को हुआ रेस्क्यू , आज भी उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार
देहरादून, 24 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार को भूस्खलन होने के कारण गांव में 200 लोग फंस गए थे, जिनका आज एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी लोग रैनी गांव के पास फंस गए थे लेकिन एसडीआरएफ की टीम ने सूचना पाने के बाद तुंरत वहां पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाला। भूस्खलन के बाद से उत्तराखंड-चंपावत हाइवे जाम हो गया है इसलिए रूट डायवर्जन के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है, जिसकी वजह से वहां से लगातार भूस्खलन की खबरें सामने आ रही हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-58 कई घंटों तक बाधित
दो दिन पहले ही तोता घाटी में भूस्खलन हुआ था, जिसके चलते ऋषिकेश से श्रीनगर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-58 कई घंटों तक बाधित रहा था, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। मालूम हो कि भारतीय मौसम विभाग ने आज भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने कहा है कि 26 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश के आसार हैं।

भूस्खलन का खतरा
भारत के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां पर भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। यह एक प्राकृतिक परिवर्तन है, जो कभी-भी हो सकता है। लैंड स्लाइड जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोका तो नहीं जा सकता है लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखते हुए हम इस आपदा से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और अपने नुकसान को कम कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ख्याल
- भूस्खलन के वक्त ढलान वाली घाटियों में ज्यादा समय मत बितायें।
- जिन इलाकों में भूस्खलन का खतरा है, वहां निर्माण कार्य कतई मत करें।
- बारिश के दौरान ऐसे स्थानों पर जाने से बचें।
- भूस्खलन के दौरान बिजली के उपकरणों को हाथ मत लगायें।
- खड़ी ढलान के आस-पास मकान मत बनवाएं।
- अगर आपको पेड़ या चट्टान के टूटने, चिटकने आदि की आवाज सुनायी दे, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें।
- अगर आप भूस्खलन के बीच फंस गये हैं, तो जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने के प्रयास करें।

ये भी जानिए
- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और नागरिक सुरक्षा एक पुलिस बल है जिसका निर्माण ''डिज़ास्टर मैनेज़मेंट ऐक्ट 2005' के तहत हुआ था।
- इस बल का काम आपातकाल या संकट के वक्त या आपदा के वक्त लोगों को ध्यान रखना होता है।
- आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
- केंद्र में गृह मंत्रालय, भारत सरकार सभी राज्य इकाईयों पर नजर रखती है।












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