पिथौरागढ़ में एनएचपीसी टनल के मुहाने पर लैंडस्लाइड, कई लोग अभी भी फंसे, रेस्क्यू जारी
Pithoragarh landslide at NHPC tunnel: पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में स्थित एनएचपीसी पावर हाउस की टनल में भूस्खलन होने से 19 कर्मचारी और अधिकारी अंदर फंस गए थे। इस घटना के बाद जिला प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह भूस्खलन भारी बारिश के कारण हुआ। भूस्खलन के बाद टनल का मुहाना बंद हो गया और भारी मलबा तथा पत्थर जमा हो गए। इससे धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना की टनल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, जिसका ऊपरी हिस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन और बीआरओ की त्वरित कार्रवाई से बचाव अभियान चलाया गया। अब तक, फंसे हुए 19 कर्मचारियों में से 8 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष 11 कर्मचारी भी सुरक्षित हैं और प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है।
बचाव कार्य में जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और अन्य बचाव दल संयुक्त रूप से जुटे हुए हैं। टनल के मुहाने से मलबा हटाया जा चुका है और इमरजेंसी शाफ्ट एरिया को भी लगातार साफ किया जा रहा है।
उपजिलाधिकारी धारचूला जितेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया कि धौलीगंगा पावर स्टेशन को लेकर मीडिया में कुछ भ्रामक सूचनाएं प्रसारित हुई थीं, लेकिन पावर हाउस को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है। टनल के मुख्य द्वार पर बार-बार आ रहे मलबे को बीआरओ द्वारा लगातार हटाया जा रहा है।
मौके पर पर्याप्त मशीनरी और सुरक्षा बल (सीआईएसएफ/एनडीआरएफ) तैनात हैं। इसके अलावा, सुरंग के अंदर किचन और खाने की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है, जिससे फंसे हुए कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हुई।
सुरक्षित निकाले गए कर्मचारियों में ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के चंदर सोनल और शंकर सिंह, सब-स्टेशन स्टाफ के पूरन बिष्ट, मेंटेनेंस स्टाफ के नवीन कुमार, प्रेम डुग्ताल, धन राज बहादुर, गगन सिंह धामी और पी.सी. वर्मा शामिल हैं।
टनल के अंदर सुरक्षित स्टाफ में ललित मोहन बिष्ट, सूरज गुरुरानी, विष्णु गुप्ता, जितेंद्र सोनल, प्रकाश दुग्ताल, कमलेश धामी, सुनील धामी, जी. ऑगस्टीन बाबू, अपूर्बा राय, इंदर गुन्जयाल और कैंटीन स्टाफ के बिशन धामी शामिल हैं।
पिथौरागढ़ जिले में देर रात से लगातार बारिश जारी है, जिससे एक दर्जन सड़कें बंद हो गई हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा को जोड़ने वाला मार्ग भी कई स्थानों पर अवरुद्ध है। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के नेतृत्व में जिला प्रशासन, एनएचपीसी प्रबंधन, बीआरओ, पुलिस, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और राजस्व विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।












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