Uttarakhand news: बारिश और अंधेरे से ट्रैकिंग पर फंसे चार ट्रैकर,मोबाइल सिग्नल से एसडीआरएफ ने ऐसे बचाया
त्रियुगीनारायण से पंवाली कांठा ट्रैक पर गए चार ट्रैकर बारिश और अंधेरा होने के कारण रास्ता भटक गए। जब काफी देर तक ट्रैकर भटकते रहे तो फिर अचानक एक का मोबाइल काम करने लगा।
इसके बाद मोबाइल से इमरजेंसी नंबर दबाया। जिसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और चारों ट्रैकरों को सकुशल बचाकर वापस लाया गया।

एसडीआरएफ टीम को स्थानीय पुलिस ने सूचना दी। बताया कि चार ट्रैकर ट्रैकिंग के दौरान भटक गए हैं। एसआई आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए सोनप्रयाग से रात्रि में ही रवाना हो गई। त्रियुगीनारायण पहुंचने के बाद, टीम ने चारों ट्रैकरों से संपर्क स्थापित किया।
टीम ने ट्रैकरों को नीचे की ओर आने और मार्ग में लगे साइन बोर्ड के सहारे ट्रेकिंग करने का निर्देश दिया। खुद एसडीआरएफ टीम ने ऊपर की ओर ट्रैकिंग शुरू की। घने अंधेरे एवं दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर लगभग 4 किलोमीटर पैदल ट्रैक करने के बाद, रात्रि करीब 12 बजे एसडीआरएफ टीम ने चार ट्रैकरों को सुरक्षित खोज निकाला। इसके बाद, सभी को सकुशल त्रियुगीनारायण तक पहुंचाया गया।
चार ट्रैकर- रोहित रावत, संदीप नेगी, निशांत चौहान, गजेंद्र राणा ने आधी रात्रि में किए गए सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ की टीम की सराहना की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी चार लोगों की जान बचाई। ट्रैकरों ने बताया कि त्रियुगीनारायण से चार स्थानीय ट्रैकर 25 जून को त्रियुगीनारायण होते हुए पंवाली कांठा बुग्याल में ट्रेकिंग करने निकले थे।
लेकिन रात के समय ट्रेकर बारिश और अंधेरा होने के कारण रास्ता भटक गए। किसी तरह से फोन का सिग्नल मिला तो जान बच गई। उत्तराखंड में ट्रैकरों, यात्रियों के लिए एसडीआरएफ बीते लंबे समय से देवदूत बनकर अपनी भूमिका निभा रही है।
हाल ही में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें एसडीआरएफ ने मुश्किलें में फंसे लोगों की जान बचाई है। चोपता से देवरिया ताल की ट्रैक पर फंसे चार ट्रैकरों को भी हाल ही में एसडीआरएफ इसी तरह रात के अंधेरे में रेस्क्यू कर चुकी है।












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