उत्तराखंड के शिक्षक के लिए राष्ट्रपति मुर्मू ने तोड़ा प्रोटोकॉल, खुद मंच से उतरकर किया सम्मानित, देखें VIDEO
उत्तराखंड के शिक्षक के लिए राष्ट्रपति ने ने तोड़ा प्रोटोकॉल
देहरादून, 6 सितंबर। शिक्षक दिवस पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 प्रदान किया गया है। दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी को पुरस्कार देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़कर मंच से उतरकर उन्हें सम्मानित किया। इसके साथ ही अवॉर्ड पाने वाले 45 शिक्षकों में जिन 6 शिक्षकों का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंटरेक्शन के लिए हुआ था, उनमें उत्तराखंड के प्रदीप नेगी भी शामिल हैं। जिनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके शिक्षण कार्य को लेकर जानकारी हासिल की है।

वीडियो सोशल मीडिया मेें वायरल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के 45 शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उत्तराखंड से कौस्तुभचंद्र जोशी और दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी को अवॉर्ड मिला है। दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी को शिक्षक दिवस पर जब दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया तो कुछ ऐसा हुआ जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है। साथ ही ये वीडियो सोशल मीडिया मेें जमकर वायरल हो रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आभार जताया
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस वीडियो को ट्विट कर राष्ट्रपति मुर्मू के इस व्यवहार को प्रेरणादायी बताया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी फेसबुक के जरिए राष्ट्रपति का देवभूमिवासियों की ओर से आभार करते हुए लिखा है कि
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने प्रोटोकॉल तोड़कर जिस तरह उदार हृदय का परिचय देते हुए उत्तराखण्ड के दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी जी को सम्मानित किया उसके लिए मैं समस्त देवभूमिवासियों की ओर से उनका सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ।

उत्तराखंड के लिए गौरवशाली पल
वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब मंच से प्रदीप नेगी का नाम लिया जाता है तो पूरा हॉल तालियों के गड़गड़ाहट से गूंजता है। तब तक तालियां बजती हैं। जब तक राष्ट्रपति मंच से उतरकर उन्हें अपने हाथों से सम्मानित करती हैं। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी वहां मौजूद रहे। इस तरह ये पल उत्तराखंड के लिए गौरवशाली साबित हुआ है।

उत्तराखंड से कौस्तुभचंद्र जोशी और दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी को अवॉर्ड
उत्तराखंड से तीन शिक्षकों का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भेजा गया था। जिसमें नैनीताल में प्रतापपुर चकालुआ स्थित एसडीएस राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी और हरिद्वार में बीएचईएल इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षक प्रदीप नेगी का चयन हुआ है। कौस्तुभचंद्र जोशी को ओपन केटेगरी में चुना गया है। जबकि प्रदीप नेगी को स्पेशल कैटेगरी, दिव्यांग के तहत पुरस्कार दिया गया है।

प्रदीप नेगी को नवाचार शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
दोनों शिक्षक राष्ट्रीय आईसीटी पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। दिव्यांग शिक्षक प्रदीप नेगी को शिक्षण में नवाचार के लिए जाना जाता है। दिव्यांग होने के बावजूद प्रदीप नेगी के ऑनलाइन शिक्षण कार्य में सबके गुरू बन गए हैं। वे बच्चों के साथ ही टीचर के भी मास्टर ट्रेनर हैं। प्रदीप नेगी को उनके ब्लॉग, मोबाइल एप, वेबसाइट, यूट्यूब चैनल जैसे नवाचार शिक्षा के लिए आज उनको राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया।

राजकीय इंटर कॉलेज भेल हरिद्वार में कार्यरत हैं प्रदीप नेगी
पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक के भंडारी गांव के रहने वाले प्रदीप नेगी राजकीय इंटर कॉलेज भेल हरिद्वार में कार्यरत हैं। उन्हें दो साल में ही पोलियो बीमारी ने अपना शिकार बना लिया। 1998 में प्रदीप का सहायक अध्यापक में पौड़ी के अति दुर्गम इलाके जयखाल गौरगांव में चयन हुआ। 2006 में प्रदीप नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की और वे अर्थशास्त्र विषय के प्रवक्ता बन गए।

प्रदीप को 2014 में आईसीटी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका
तब से अब तक उन्होंने शिक्षा में लगातार नए प्रयोग करते जा रहे हैं। प्रदीप का चयन 2018 में ग्लोबल टीचर अवॉर्ड के बेस्ट 50 में हो चुका है। जो कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक मात्र शिक्षक रहे हैं। इस प्रतियोगिता में 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने आवेदन किया था। प्रदीप को 2014 में आईसीटी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है।












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