उत्तराखंड मानसून सत्र: 11321 करोड़ का अनुपूरक बजट, 88728 करोड़ का हो जाएगा बजट, जानिए कहां खर्च होगा पैसा
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में 11321 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट की मंजूरी के बाद राज्य का कुल बजट 88728 करोड़ का हो जाएगा।
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में 11321 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट की मंजूरी के बाद राज्य का कुल बजट 88728 करोड़ का हो जाएगा। भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक की 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए राज्य के वित्त पर रिपोर्ट पटल पर पेश हुई। सदन में सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण समेत 12 विधेयक पेश किए।

सरकार के 11321 करोड़ के पहले अनुपूरक बजट में 3530 करोड़ का प्रावधान राजस्व और 7790 करोड़ का पूंजीगत मद में किया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए 77407 करोड़ के बजट का प्रावधान किया था। अनुपूरक अनुदान मांगों में पूंजीगत व्यय के तहत 600 करोड़ सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 765 करोड़ का जल जीवन मिशन, 321 करोड़ का आवास एवं शहरी विकास, 156 करोड़ टिहरी झील के चारों और रिंग रोड बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण, 135 करोड़ पार्किंग निर्माण, 128 करोड़ समग्र शिक्षा, 100 करोड़ हरिद्वार मेडिकल कॉलेज निर्माण, मानसून में खस्ताहाल हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 300 करोड़ जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 294 करोड़ खर्च होंगे। खाद्यान सब्सिडी कि लिए 284 करोड़, आपदा प्रबंधन के तहत 218 करोड़ का प्रावधान किया है।
चिन्हित आंदोलनकारी व उनके आश्रितों की सरकारी सेवा में आरक्षण विधेयक को पटल पर रखा गया। विधेयक में आंदोलन के दौरान घायलों और सात दिन अथवा इससे अधिक अवधि तक जेल में रहे आंदोलनकारियों को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह ग व घ के पदों सीधी भर्ती में आयु सीमा और चयन प्रक्रिया में एक साल की छूट दी जाएगी। विधेयक में उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार, नियुक्तियां देने का प्रावधान किया गया है। यदि ऐसे चिन्हित आंदोलनकारी की आयु 50 वर्ष से अधिक या शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम होने के कारण खुद नौकरी करने के लिए अनिच्छुक होंगे, तो उनके एक आश्रित को उत्तराखंड की राज्यधीन सेवाओं में नौकरी के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार शहीद के विवाहित होने की दशा में उसके आश्रित को दी जाने वाली अनुग्रह अनुदान राशि का 40 फीसदी उसके माता-पिता को देगी। इसके लिए उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान अधिनियम में संशोधन के लिए बुधवार को सदन में एक विधेयक पेश किया गया। सरकार इसके पहले ही अध्यादेश लेकर आई थी। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक, शहीद के विवाहित होने की दशा में वीर नारी (विधवा) को 60 प्रतिशत धनराशि दी जाएगी। अभी सरकार ने इसके लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान किया है। यदि वीर नारी जीवित नहीं है, तो 60 फीसदी राशि उसके बच्चों में बराबर बांट दी जाएगी। ऐसी स्थिति में जहां माता-पिता तथा वीर नारी जीवित नहीं हैं तो अनुग्रह राशि सभी आश्रितों बच्चों में बराबर बंटेगी।












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