Uttarakhand: गंगोत्री, केदारनाथ के बाद अब बद्रीनाथ यात्रा भी 24 घंटे से बंद, भूस्खलन से 30 मीटर हिस्सा ध्वस्त
उत्तराखंड में मानूसन की बारिश पूरे प्रदेश में कहर बनकर आई है। पहले गंगोत्री नेशनल हाईवे बंद हो गया। उसके बाद केदारनाथ यात्रा भी रोकी गई। अब बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 24 घंटे से बंद चल रहा है। बद्रीनाथ हाईवे पर पीपलकोटी भनेर पानी के पास मलबा आने से सड़कें बंद हैं।
दोनों तरफ से मशीनें लगाकर मलबा हटाने में जुटी हैं। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन होने से करीब 30 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। जिस वजह से करीब 2 हजार यात्रियों को अलग अलग पड़ावों पर रोका गया है।

भूस्खलन के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को रोक दिया है। तीर्थयात्रियों के वाहनों को ज्योतिर्मठ, पाखी, हेलंग, पीपलकोटी, चमोली और गौचर जैसे सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। पीपलकोटी से लगभग एक किलोमीटर आगे भारी भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित है। लगभग 30 मीटर तक सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जिसे खुलने में समय लग सकता है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को सुबह करीब सात बजे भनेरपाणी भूस्खलन क्षेत्र के पास अचानक पहाड़ी से मलबा गिरने लगा, जिससे 30 मीटर तक का हाईवे पूरी तरह से गायब हो गया। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था जिससे किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। भूस्खलन के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को रोक दिया है। तीर्थयात्रियों के वाहनों को ज्योतिर्मठ, पाखी, हेलंग , पीपलकोटी, चमोली और गौचर जैसे सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी और अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने भूस्खलन क्षेत्र का जायजा लिया।












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