Uttarakhand weather भारी बारिश का रेड अलर्ट, चार धाम यात्रा पर ब्रेक, जानिए कब तक और कहां क्या हैं हालात
Uttarakhand weather: उत्तराखंड में मानसून की बारिश आफत बनकर आई हैं। बीते रविवार से हो रही बारिश का क्रम लगातार जारी है। जिससे प्रदेश भर में जगह जगह लेंडस्लाइड और सड़कें बंद हैं। साथ ही चार धाम यात्रा पर ब्रेक लगा हुआ है। यमुनोत्री और बद्रीनाथ हाईवे जगह जगह बाधित है। जिससे यात्री भी फंसे हुए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून समेत नौ जिलों के लिए भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनबाडी केन्द्रों में 30 जून, 2025 को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि चार धाम यात्रा पर 24 घंटे का प्रतिबंध हटा लिया गया है। आयुक्त ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले जिलों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में मौसम की स्थिति के आधार पर वाहनों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को बारिश से हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने 24 घंटे के लिए यात्रा को रोका गया था।
30 जून को एक दिन का अवकाश
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 30 जून, 2025 को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का रेड अर्लट जारी किया गया है। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि आपदा न्यूनीकरण के दृष्टिगत प्रदेश के कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनबाडी केन्द्रों में 30 जून, 2025 को एक दिन का अवकाश घोषित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शासकीय / गैर शासकीय एवं निजि स्कूलों के साथ सभी आंगनबाडी केन्द्र 30 जून, 2025 को बन्द रहेंगे।
उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने से 7 अब भी लापता
प्रदेश भर में बारिश की वजह से हुए नुकसान और हालातों को लेकर सीएम धामी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उत्तरकाशी के तहसील बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने की वजह से मिसिंग मजदूरों के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। 29 मजदूरों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन का सर्च अभियान जारी है, दो शवों को निकाल लिया गया है। 7 अब भी लापता हैं।
24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
सीएम धामी ने आईटी पार्क, स्थित उत्तराखण्ड राज्य आपतकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचकर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मानसून के दृष्टिगत आगामी दो माह तक शासन और प्रशासन के अधिकारियों को 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये। उन्होंने मानसून अवधि के दौरान अधिकारियों को नियमित रूप से ग्राउंड पर रहकर सभी व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा को रोका गया
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आये सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि सबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाइयों और बच्चों के लिए दूध और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि नदियों और गदेरे के आस-पास रह रहे और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां पर लोग सुरक्षित स्थानों पर हों।
सर्च अभियान जारी
मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के तहसील बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने की वजह से मिसिंग मजदूरों के सर्च और रेस्क्यू अभियान में और तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 29 मजदूरों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन का सर्च अभियान जारी है, दो शवों को निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि रूद्रप्रयाग में हुए वाहन दुर्घटना में जो लोग अभी लापता हैं, उनकी खोजबीन कार्यों में और तेजी लाई जाए।
जो सड़के क्षतिग्रस्त हो रही, उनको जल्द खुलवाने की व्यवस्था की जाए
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी जिलाधिकारियों से विभिन्न जनपदों में हो रही बारिश, सड़कों की स्थिति एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के कारण जो सड़के क्षतिग्रस्त हो रही हैं, उनको जल्द खुलवाने की व्यवस्था की जाए। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में नदी, नाले, गदेरे रास्ते बदल सकते हैं, ऐसे क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर चैनलाइजेशन और अन्य प्रबंधन जो सुरक्षात्मक दृष्टि से हो सकते हैं, किये जाएं।
रेड अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान अनुसार 29 एवं 30 जून 2025 को उत्तराखण्ड के देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत व ऊधमसिंह नगर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी वर्षा और तीव्र से अति तीव्र वर्षा की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जनपदों में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
3 जुलाई तक अलर्ट
01 व 02 जुलाई को पूरे उत्तराखण्ड में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा और तेज बारिश के दौर की आशंका है। साथ ही राज्य के सभी जनपदों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। जलभराव, भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में तीव्र वृद्धि की संभावना को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने, आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने और आमजन को सचेत करने के निर्देश दिए गए हैं। 03 जुलाई को बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। आपातकालीन परिचालन केन्द्र द्वारा जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, राहत टीमें तैनात करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।












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