उत्तराखंड में नौकरी पाने वाले नेताओं के रिश्तेदारों की लिस्ट हो रही वायरल, अब इन पूर्व मंत्री पर लगे आरोप
उत्तराखंड:भर्तियों में नेताओं के रिश्तेदारों की लिस्ट वायरल
देहरादून, 3 सितंबर। उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों को लेकर सोशल मीडिया में लगातार प्रदेश के नेताओं के रिश्तेदारों की सूचियां वायरल हो रही हैं। बीते दो दिनों में पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के 8 रिश्तेदारों और कांग्रेस के नेताओं की 144 करीबियों की लिस्ट वायरल हो रही है। जिससे एक बार फिर सियासत गरमा गई है।

पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के रिश्तेदारों को नौकरी देने को लेकर वायरल पत्र
उत्तराखंड में इन दिनों नौकरी पाने वाले भाजपा, कांग्रेस से जुड़े नेताओं के रिश्तेदारों की सूचियां सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही हैं। हाल ही में पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के रिश्तेदारों को नौकरी देने को लेकर वायरल पत्र सामने आया है। वायरल पत्र में अरविंद पांडे के 8 रिश्तेदारों का नाम शामिल है। आरोप है कि अरविंद पांडे ने मंत्री रहते हुए अपने भाई, भतीजे और दामाद को नौकरियों पर लगवाया था। ,सभी 8 लोग बिहार और बाजपुर से बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही कांग्रेस के नेताओं के 144 करीबियों की एक और लिस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इस वायरल पत्र में प्रदेश कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं के नाम शामिल हैं। जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा गर्माना तय है।

उत्तराखंड विधानसभा में भर्तियों को लेकर भाजपा, कांग्रेस आमने सामने
उत्तराखंड विधानसभा में 22 साल में अब तक हुई भर्तियों को लेकर भाजपा, कांग्रेस अब तक आमने सामने नजर आ रही थी। पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा शासन काल में हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाए तो बदले में भाजपा की ओर से गोविंद सिंह कुंजवाल के शासनकाल में लगे उनके रिश्तेदारों की सूची वायरल की गई। इस बीच स्पीकर रह चुके प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी नियुक्तियों को जायज ठहरा दिया तो गोविंद सिंह कुंजवाल को ये बात मानने में कोई झिझक नहीं हुई कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को नौकरी दी है। उलटा कुंजवाल ने अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों और सरकारों पर नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

सोशल मीडिया में सूची वायरल, जांच कब तक
इस बीच सोशल मीडिया में एक नई लिस्ट वायरल हो गई, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और यूकेडी के नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इस लिस्ट में दावा किया जा रहा है कि कितने कब और किस नेता के रिश्तेदार को नौकरियां दी गई है। हालांकि सोशल मीडिया में इस सूची को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ नामों पर सोशल मीडिया के जरिए आपत्ति भी दर्ज कराई जा रही है। अब पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी इस वायरल लिस्ट में शामिल हो गए हैं। लेकिन जिस तरह से आए दिन सोशल मीडिया में सूची वायरल हो रही हैं। उनकी जांच कब तक होगी और इनका किस तरह संज्ञान लिया जाता है। ये भी देखना दिलचस्प है।

सोशल मीडिया में वायरल लेटर की भरमार,विश्वसनीयता पर सवाल
बैकडोर भर्तियों को लेकर अब तक स्पीकर रहे प्रेमचंद्र अग्रवाल और गोविंद सिंह कुंजवाल अपना पक्ष रख चुके हैं। लेकिन जितने नाम अब तक सोशल मीडिया में वायरल हुए हैं, उनके इन आरोपों पर पक्ष आना बाकि है। जिस तरह सोशल मीडिया में वायरल लेटर की भरमार है। उससे इनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पेपर लीक प्रकरण और बैकडोर भर्ती को लेकर सियासत गरम
उत्तराखंड में इन दिनों यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण और विधानसभा में बैकडोर भर्ती को लेकर सियासत गरमा रही है। भाजपा, कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप लगाने में जुटे हैं। यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी है तो विधानसभा भर्तियों को लेकर सीएम के अपील पर विधानसभा स्पीकर ने एक्सपर्ट कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कई भर्तियों पर तलवार लटकनी तय है।












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