उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी इस फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार से भी निकले आगे, जानिए क्या है मामला
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी गन्ना दाम बढाकर उत्तर प्रदेश सरकार से भी निकले आगे
देहरादून, 30 नवंबर। कृषि कानून बिल वापस लेने के बाद अब भाजपा शासित राज्यों में सरकार किसानों को साधने में जुट गई है। इस बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने गन्ना के मूल्य को बढ़ाकर अपने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश को भी पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गन्ना मूल्य 28 रुपये प्रति कुंतल बढ़ा दिया है। जिससे अगेती गन्ने का मूल्य 355 रुपये और सामान्य गन्ने का मूल्य 345 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। सीएम ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के विरोध को देखते हुए गन्ने का रेट 325 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ा कर 350 रुपये कुंतल किया था।

4 साल बंद चालू हुई चीनी मिल
भाजपा सरकार चुनाव से पहले पुराने फैसलों से पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए हर मुद्दे पर डेमेज कंट्रोल करने में जुटी है। कृषि कानून बिल से नाराज हुए किसानों को साधने के लिए भी भाजपा चुनावी सौगात देने में जुटी है। इसी तरह की सौगात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गन्ना किसानों को दिया है। सीएम ने प्रति कुंतल 28 रुपए बढ़ा दिया है। सोमवार को चार सालों से बंद दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र को चालू कर दिया गया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि चीनी मिल चालू होने के साथ विकास का नया अध्याय शुरू हो गया। बाजपुर, किच्छा या बहेड़ी गन्ना लेकर जाने वाले किसानों को अब आसानी होगी। पीपीपी मोड के निर्णय पर लंबा समय लग रहा था। इसलिए ऐसे ही मिल को चलाया गया है। अब ये मिल चलती रहेगी।
सीएम ने गिनाए किसानों के लिए मोदी सरकार की सौगात
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में राज्य के नौ लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 1300 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। प्रदेश में आठ लाख 82000 किसानों को मृदा कार्ड दिए गए। मिट्टी की पहचान होने से खाद की खपत घटने पर प्रदेश को 200 करोड़ से अधिक की बचत हुई है। पहाड़ व मैदानी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नीति पर काम कर रहे हैं। सीएम ने चीनी मिल के 40 मृतक आश्रितों के परिवारों को उचित सहायता राशि देने का भरोसा दिलाया। कहा कि यूपी में 350 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का मूल्य घोषित किया गया है जबकि उत्तराखंड ने सीकर गन्ने का 355 रुपये जबकि सामान्य गन्ने का 345 रुपये प्रति कुंतल मूल्य देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों को क्रय केंद्र से लेकर चीनी मिल तक गन्ना लाने में 11 रुपये कुंतल किराया देना पड़ता था, जिसे 9.50 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। कहा कि भविष्य में इस चीनी मिल से बिजली पैदा होगी और एथनॉल का प्लांट लगाया जाएगा।
पंजाब, हरियाणा से पीछे हैं यूपी
गौरतलब है कि अगस्त में केंद्र की मोदी सरकार ने भी किसानों को खुश करने की कोशिश की थी। केंद्र सरकार ने मिलों के लिए गन्ने का रेट 285 से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति कुंतल कर दिया था। उत्तर प्रदेश में किसानों को गन्ने की कीमत वैराइटी के हिसाब से 310 रुपये, 315 रुपये और 325 रुपये प्रति कुंतल मिल रहा था। बाद में सीएम योगी ने गन्ने का रेट 325 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ा कर 350 रुपये कुंतल किया था। लेकिन पंजाब में गन्ने का दाम 360 तो हरियाणा में 362 रुपये है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती सबसे ज्यादा होती है। 2014 और 2019 के लोकसभा व 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इस इलाके से भरपूर समर्थन मिला था। ऐसे में गन्ना किसानों को साधना जरूरी है।












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