उत्तराखंड के सीएम धामी ठेलियों पर ले रहे जलेबी, चाट और गोलगप्पों का स्वाद, कहीं बिगाड़ न दे विपक्ष का हाजमा
धामी ठेलियों पर ले रहे जलेबी, चाट और गोलगप्पों का स्वाद
देहरादून, 4 दिसंबर। 5 माह के कार्यकाल में ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी अलग छवि सोशल मीडिया के जरिए जनता के बीच में रखी है, जिसका लाभ उत्तराखंड में भाजपा को भी होता हुआ नजर आ रहा है। मुख्यंमत्री पुष्कर सिंह धामी की सादगी और उनके काम करने की शैली के लगातार चर्चे तो हैं ही अब धामी के व्यवहार और लोगों से सीधा संवाद का तरीका भी सोशल मीडिया में खूब पसंद किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दो तस्वीरें खासा सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है, पहली खटीमा में पीलीभीत रोड पर बरेली चाट भंडार और आगरा चाट भंडार में खड़े होकर गोल गप्पे खाना और दूसरी झबरेडा में अमित भाई जलेबी वाले की जलेबी खाना। खास बात ये है कि इस दौरान धामी अपने सहयोगियों को अपने हाथ से ही जलेबी बांटते नजर आ रहे हैं। ऐसे में धामी की इन छवि से विपक्ष की मुश्किलें बढ़ना तय है।

सीएम धामी की नई इमेज विपक्ष के लिए बन रही मुश्किल
जब भी कोई उनेता मुख्यमंत्री बनता है तो अक्सर ये आरोप लगता है कि मुख्यमंत्री के व्यवहार में बदलाव आ जाता है। इतना ही नहीं सीधे मुख्यमंत्री तक न पहुंचने की भी लोगों की शिकायत रहती है। उत्तराखंड में जनता ने 21 साल में 10 मुख्यमंत्री चेहरे देख लिए हैं। लेकिन अधिकतर मुख्यमंत्रियों पर जनता से सीधे संवाद न करना और मिलने में परेशानियों को लेकर जनता ही नहीं विधायकों के भी आरोप लगते आ रहे हैं। इस मामले में अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुराने मुख्यमंत्रियों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। हरीश रावत किसी भी जगह अटेंशन पाने वाले सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहे हैं। राजमा चावल के ठेले पर जाकर खाना बांटना, पुरियां, कचौड़ियां तलना आदि कई बार हरीश रावत जनता के बीच पहुंचकर लोगों के दिल में पहुंचने की कोशिश करते आ रहे हैं। लेकिन बीते 5 माह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को लोकप्रियता में पीछ़े छोड़ने की कोशिश में जुटे हैं। इसका सबसे पहले शुरूआत हुई दशहरे के मेले में। जब मुख्यमंत्री धामी ने मेले के बाद लोगों के बीच पान की दुकान और राशन की दुकान में पहुंचकर सीधे संवाद किया। इससे धामी की छवि एक लोकप्रिय, सरल स्वभाव के सीएम के तौर पर देखी जाने लगी।
राजमा-चावल व कढ़ी का आनंद, अपने हाथ से ही जलेबी बांटते नजर आए
इसके बाद बीते 2 दिसंबर को रुद्रपुर में सरस मेले के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रस्तोगी के ठेले पर राजमा-चावल व कढ़ी का आनंद लिया और तारीफ भी की। दावा किया गया कि ठेले वाले से उनका यह रिश्ता पिछले 20 वर्षो से अधिक का है। जाते समय सीएम ठेले वाले को ईनाम देकर रवाना हुए। करीब 20 वर्ष पहले से विधायक राजकुमार ठुकराल और पुष्कर सिंह धामी एक साथ दुकान पर आकर शिकंजी पीते थे, फिर बाद में राजमा चावल शुरू किया तो वे अक्सर खाने आते थे। राजा राम ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि यह राजमा चावल का नहीं बल्कि रिश्तो का स्वाद है। 2 जनवरी को झबरेड़ा से लौटते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधायक साथियों के साथ अमित भाई जलेबी वाले की जलेबी खाई। खास बात ये है कि इस दौरान धामी अपने सहयोगियों को अपने हाथ से ही जलेबी बांटते नजर आ रहे हैं। इस दौरान सभी धामी के जिंदाबाद नारे लगाने लगे। इसके एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री खटीमा के लिए जाते हुए रास्ते में ठेली वाले से चाट और गोलगप्पे खाते हुए दिखे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सोशल मीडिया पेज पर बताया गया कि सीएम ने पीलीभीत रोड पर बरेली चाट भंडार और आगरा चाट भंडार में खड़े होकर गोल गप्पे का आनंद लिया। ये तस्वीरें बता रही हैं कि मुख्यमंत्री ने अपनी लोकप्रियता और लोगों से सीधे मिलने और आम आदमी की तरह जिंदगी जीने का संदेश दिया है। जिससे जनता से सीधा जुड़ाव हो सके।












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