Uttarakhand Budget 2023-24: धामी सरकार का पहला पूर्णकालिक 77407.08 करोड़ का बजट, युवा,पर्यटन,स्वरोजगार पर फोकस
वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भराड़ीसैंण विधानसभा में धामी सरकार का पहला पूर्णकालिक बजट 77407.08 करोड़ का पेश कर दिया है। बजट में युवा,पर्यटन, स्वरोजगार पर फोकस किया गया है।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसेंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में धामी सरकार का पहला पूर्णकालिक बजट पेश कर दिया गया है। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने 77407.08 करोड़ का बजट पेश किया। अपने करीब 2 घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने शुरूआत और अंत गढ़वाली बोली से किया। साथ ही वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ एक साथ बजट लेकर धोती कुर्ता के पहनावे के साथ सदन में पहुंचे।
जी-20 की मेजबानी मिली है, यह गर्व की बात
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रोत्साहित करने वाला है। इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। वर्ष 2023 का उत्तराखंड सरकार के बजट में युवा,पर्यटन, स्वरोजगार पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सुशासन की ओर बढ़ रहे हैं। इस बार जी-20 की मेजबानी मिली है। यह गर्व की बात है कि उत्तराखंड में तीन संगोष्ठियां होंगी। जोशीमठ भू-धंसाव क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही स्वरोजगार, शिक्षा, कनेक्टिविटी, हेली कनेक्टिवटी, सौर ऊर्जा, युवा, खेती किसानी, पर्यटन पर जोर दिया गया है।
बजट सात बिंदुओं पर फोकस
- मानव पूंजी में निवेश पर जोर।
- समावेशी विकास के तहत अंतिम छोर तक खड़े व्यक्ति तक विकास को पहुंचाना और नए अवसर का उपयोग करने के लिए प्लेटफॉर्म देना।
- स्वास्थ्य सुविधाओं की सुविधा।
- पूंजीगत व्यय में सार्वजनिक संपत्ति का संवर्धन एव संरक्षण।
- निर्बाध एवं सुरक्षित संयोजकता।
- प्रोद्योगिक एवं आधुनिक विकास।
- इकोलॉजी एवं इकोनॉमी में संतुलन
बजट के मुख्य बिंदु-
- उद्यान विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 15.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- पॉलीहाउस के लिए 200 करोड़ का प्रावधान।
- मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- राज्य लोक सेवा आयोग के अन्तर्गत 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- वर्क फोर्स डेवलेपमेंट हेतु 100 करोड़
- प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्ट अप और इंटेरप्रीनियरशिप योजना के लिए 30 करोड़ का प्रावधान।
- विभिन्न नीतियों के तहत उद्योगों को अनुदान के लिए 26 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 40 करोड़
- पर्यटन विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 302.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद के लिए 63.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 60.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- टिहरी झील का विकास के निर्माण के लिए 15.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- चार धाम यात्रा मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण और विकास के लिए 10.00 करोड़ का प्रावधान।
- पर्यटन विभाग अन्तर्गत चारधाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय के लिए 50 करोड़ का प्रावधान
- शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10459.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय के लिए 51 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में छात्रवृत्ति के लिए 11 करोड़ का प्रावधान
- पी.एम श्री योजना के लिए 92.78 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मिलेट मिशन हेतु 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में के लिए 4217.87 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- अटन आयुष्मान के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मेडिकल कॉलज तथा नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग में 2850.24 करोड का प्रावधान किया गया है।
- निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- किसान पेंशन योजना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- नंदा गौरा योजना के लिए 282.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना के लिए लगभग 26.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए 23 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के लिए 19.95 करोड़ का प्रावधान किया गया है।












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