पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिश से बेरोजगार युवाओं को निराशा, हरीश रावत ने राज्य सरकार को दी चेतावनी
सरकारी विभाग में तीन साल से अधिक समय से खाली पड़े पद समाप्त
देहरादून, 1 अप्रैल। उत्तराखंड में सरकार बनाते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं। एक तरफ सरकार रोजगार को लेकर दावे कर रही है। दूसरी तरफ . पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकारी विभागों में तीन साल से अधिक समय से खाली पड़े पद समाप्त करने के फैसले पर एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। जिससे सरकार के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ने वाली है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मुद्दे पर धामी सरकार को पद समाप्त करना महापाप बताया है। साथ ही ऐसा करने पर विरोध करने का ऐलान किया है।

राज्य सरकार ने पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिश को किया स्वीकार
प्रदेश में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले व भर्ती में देरी को छोड़कर सरकारी विभागों में तीन साल से अधिक समय से खाली पड़े पद समाप्त होंगे। राज्य सरकार ने पंचम राज्य वित्त आयोग की इस सिफारिश स्वीकार कर लिया है। जिससे एक बार फिर रोजगार को लेकर राज्य सरकार सवालों के घेरे में हैं। विपक्ष को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर जमकर हमला किया है। हरीश रावत ने कहा कि धामी सरकार में एक महापाप होने जा रहा है, पंचम राज्य वित्त आयोग की निहायत बेरोजगार विरोधी संस्तुति के जो पद 3 साल से खाली पड़े हैं, उन्हें समाप्त, मृत घोषित किया जाए, यह पूर्णतः अस्वीकार्य है। यह हजारों बेरोजगारों की आशाओं पर कुठाराघात है।
हरदा ने दी सरकार को 1 हफ्ते का समय
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस सिफारिश को मंजूर कर एक महापाप किया है, अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है, इस संस्तुति को रिजेक्ट किया जाए। हरदा ने चेतावनी दी कि मैं अपनी इस मांग के लिए सरकार को 1 हफ्ते का समय देता हूं। यदि 1 हफ्ते के अंदर पंचम वित्त आयोग की ये संस्तुति, राज्य सरकार ने रिजेक्ट नहीं की तो इसके विरोध में मैं, तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रायश्चित उपवास पर बैठूंगा, ताकि इस सरकार को बेरोजगारी के दर्द का कुछ एहसास हो सके।
विपक्ष के लिए सरकार पर हमला करने का मौका
रोजगार को लेकर पूर्व में धामी सरकार ने चुनाव से पहले बड़ा ऐलान कर सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं को कई सौगात दी थी। हालांकि चुनाव आचार संहिता के कारण कई पद अब भी रिक्त हैं। चुनाव में कांग्रेस ने रोजगार को मुद्दा बनाया था। भाजपा ने युवाओं के लिए खास योजना बनाकर रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन सरकार के अस्तित्व में आते ही युवाओं के लिए एक निराश करने वाली खबर आई। जब पंचम राज्य वित्त आयोग ने सरकारी विभागों में तीन साल से अधिक समय से खाली पड़े पद समाप्त करने की सिफारिश कर दी। ऐसे में अब विपक्ष के लिए सरकार पर हमला करने का मौका तो मिला ही साथ ही युवाओं में इस फैसले से निराशा हाथ लगी है।












Click it and Unblock the Notifications