उत्तराखंड में सरकार बनाने के लिए कंट्रोल और वॉर रूम से की जाएगी निगरानी, जानिए क्या है कांग्रेस की तैयारी
10 मार्च के लिए को कंट्रोल रूम और वॉर रूम तैयार
देहरादून, 7 मार्च। उत्तराखंड में चुनाव परिणाम को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए 10 मार्च के लिए को कंट्रोल रूम और वॉर रूम तैयार कर दिए गए हैं। जिनके जरिए रिजल्ट पर पैनी नजर रहेगी। कांग्रेस की ओर से भाजपा की तैयारियां को देखते हुए अलर्ट रहने की निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा के रणनीतिकारों से पार्टी के अंदर हलचल
10 मार्च को विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के परिणाम सामने आने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश में सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा में जहां सत्ता पाने की बैचेनी साफ देखी जा रही है, वही कांग्रेस भले ही सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, लेकिन भाजपा के रणनीतिकारों से पार्टी के अंदर हलचल भी साफ देखी जा रही है। इसके लिए कांग्रेस के रणनीतिकार अभी से होमवर्क करने में जुट गए हैं। कांग्रेस हाईकमान की ओर से प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो कि 8 मार्च को देहरादून पहुंचकर मोर्चा संभालेंगे। 9 मार्च को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की देहरादून में बैठक होगी। इस दौरान 10 मार्च को लेकर रणनीति तैयार होगी।
कांग्रेस ने तैयार किया प्लान
इसके पहले कांग्रेस ने देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में कंट्रोल रूम तैयार कर लिया है, जिसका नेतृत्व प्रदेश महामंत्री संगठन मथुरा दत्त जोशी करेंगे। जो कि 70 सीटों के परिणाम और गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने देहरादून स्थित एक होटल में वॉर रूम तैयार करने को कहा है। जिसमें प्रदेश प्रभारी समेत कांग्रेस की सीनियर नेताओं की पूरी टीम रहेगी। ये टीम हर प्रत्याशी और आगे की रणनीति को लेकर लगातार हाईकमान को फीडबैक देंगे। इस तरह कांग्रेस ने चुनाव परिणामों को लेकर पूरी तरह से होमवर्क कर लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए राजस्थान में सेफ हाउस बनाने का निर्णय लिया है। जिसकी चर्चा अंदरखाने चल रही है। कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस ने इसके लिए राजस्थान में रिजॉर्ट बुक कर लिया है। किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने को कांग्रेस विधायकों को पूरी तरह से कंट्रोल में रखना चाहेगी।
प्रदेश प्रभारी समेत सीनियर नेता संभालेंगे मोर्चा
हरदा और प्रीतम खेमा एक्टिव
चुनाव परिणामों से पहले कांग्रेस के अंदर भी मुख्यमंत्री को लेकर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। हरीश रावत और प्रीतम सिंह खेमा लगातार एक दूसरे खेमे से आगे निकलने की कोशिश करने में जुटे हैं। इसके लिए समर्थक अभी से माहौल बनाने में जुटे हैं। साथ ही दोनों नेताओं के परिणाम से पहले दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने की भी चर्चा है। जिसके बाद से दिल्ली से लेकर देहरादून तक दोनों खेमे में हलचल मची हुई है। हरीश रावत लगातार खुलकर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर तमाम तरीकों से वे अपने समर्थकों के बीच माहौल बनाने में जुटे हैं। जबकि प्रीतम खेमा पर्दे के पीछे से रणनीति तैयार करने में लगे हैं। साफ है कि परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आने पर दोनों खेमों के बीच सियासी खींचतान दिखना तय है। साथ ही बहुमत से दूर होने पर दोनों नेताओं को अपनी ताकत का एहसास भी कराना होगा। जिसके बाद ही सरकार बनाने के फॉर्मूले पर सही तरह से विचार संभव है। ऐसे में 10 मार्च को लेकर दोनों खेमे एक्टिव होकर अपना पक्ष मजबूत करने में जुटे हुए हैं।












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