नई दिल्ली से देहरादून तक एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना अब पकड़ेगी रफ्तार, 11 हजार पेड़ भी काटे जाएंगे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को सुप्रीम कोर्ट की भी हरी झंडी
देहरादून, 20 अप्रैल। नई दिल्ली से देहरादून तक एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना के लिए 11 हजार पेड़ भी काटे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही ग्रीन ट्राइब्यूनल एनजीटी की तरफ से नियुक्त एक्सपर्ट पैनल के भी पुनर्गठन का निर्देश दिया है, जिसका काम पर्यावरण को हुए नुकसान के साथ ही वनरोपण कराना भी होगा। इस तरह से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी मंजूरी मिल चुकी है।

एनजीटी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति में सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के विस्तार को चुनौती देने वाली सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून की याचिका दायर की गई थीं। अब एनजीटी द्वारा गठित 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति में सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया। सुप्रीम कोर्ट ने 12 सदस्य कमेटी के अध्यक्ष को बदल पर्यावरण मंत्रालय में महानिदेशक (फॉरेस्ट) सी पी गोयल को बनाया है। ग्रीन ट्राइब्यूनल ने पिछले साल 13 दिसंबर को उत्तराखंड के मुख्य सचिव को नियुक्त किया था, जिसकी जगह अब सुप्रीम कोर्ट ने नए एक्सपर्ट पैनल को नियुक्त किया है। कोर्ट ने एनजीओ के ऐतराज को दूर करते हुए पर्यावरणविद, हिमालयी पर्यावरण स्टडीज़ और संरक्षण संगठन के संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी को भी समिति में शामिल किया। इसके साथ ही एनजीओ की सलाह पर इकोरिस्टोरेशन प्रैक्टिशनर विजय धस्माना को भी शामिल किया। इसके साथ ही पर्यावरण से जुड़े सभी मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण में सबसे बड़ी समस्या यूपी के गणेशपुर से लेकर उत्तराखंड के अशारोड़ी तक का 20 किलोमीटर लंबा स्ट्रेच है। जंगल के इलाके से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के लिए 11 हजार पेड़ों को काटा जाना है। कई एनजीओ और पर्यावरणप्रेमियों की तरफ से इसका विरोध किया जा रहा है। एनजीटी ने केंद्रीय पलूशन कंट्रोल बोर्ड, वन्यजीव संस्थान, फॉरेस्ट रिसर्च सहित 12 सदस्यीय समिति का गठन किया था।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की क्या है खूबियां
देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिसंबर को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। यह उत्तराखंड में पर्यटन और कारोबार के नजरिये से अहम माना जा रहा है। इसलिए इसे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर नाम भी दिया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से राजाजी नेशनल पार्क के जंगल वाले इलाके में करीब 14 किमी एलिवेटेड रोड बन रही है। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली से दून का सफर ढाई घंटे में हो सकेगा। उत्तराखंड के सीमावर्ती यूपी के गणेशपुर गांव से दून के आशारोड़ी चेकपोस्ट तक एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 20 किमी है। दिल्ली से दून तक तीन चरण में एक्सप्रेस-वे बन रहा है। गणेशपुर से आशारोड़ी तक यह आखिरी चरण का काम है।
इस प्रोजेक्ट की खूबियां-
19.785 किमी है आशारोड़ी से गणेशपुर (यूपी) तक लंबाई
12 किलोमीटर एलिवेटेड रोड गुजरेगी यूपी की सीमा में
1.8 किमी एलिवेटेड रोड उत्तराखंड की सीमा में बन रही












Click it and Unblock the Notifications